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भोपाल। मुख्यमंत्री का पद त्यागने के बाद शिवराज लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव बने हुए है। लोगों से सीधे सपंर्क कर रहे और उनके सवाल के जवाब दे रहे है, यही वजह है कि चुनाव परिणाम के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ की तुलना में शिवराज के यूजर्स की संख्या में बढोत्तरी हुई है। लेकिन यही यूजर्स अब शिवराज को ट्रोल करने में भी पीछे नही हट रहे है। यूजर्स शिवराज को आडवाणी की संज्ञा दे रहे है। यूजर्स का मानना है कि जिस तरह से पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को साइड लाइन किया गया वैसे ही अब शिवराज को पार्टी अलग-थलग रखे हुए है। 

दरअसल, सोमवार को मकर संक्रांति के पर्व पर शिवराज सिंह चौहान ने सभी प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए ट्वीटर पर एक वीडियो अपलोड किया था। जिसमें शिवराज कहते नजर आ रहे है कि सभी देश और प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं। आज से सूर्य उत्तरायण हो जाएंगे। इस काल को पुण्य, शुभ और पवित्र काल माना जाता है। कहते हैं ये काल भगवान का काल माना जाता है। इसलिए मैं आप सब बहनों और भाइयों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।खास बात ये है कि शिवराज के इस वीडियो के पीछे देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी का फोटो दिखाई दे रहा है। जिसको लेकर शिवराज सिंह सोशल मीडिया में ट्रोल हो गए हैं। यूजर्स जमकर शिवराज की खिंचाई कर रहे है और उन्हें आडवानी पार्ट टू बता रहे है।

वही राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आडवाणी खेमे की तरफ से नरेंद्र मोदी के खिलाफ शिवराज सिंह चौहान को लोकसभा चुनाव में इस्तेमाल किया गया था। कई ऐसी खबरें भी प्रचारित की गई थी कि लालकृष्ण आडवाणी चाहते थे कि उनकी जगह शिवराज सिंह को पीएम का उम्मीदवार घोषित कर दिया जाए। 

ट्वीटर पर इस तरह ट्रोल हुए शिवराज

अभिषेक नाम के यूजर लिखते है  ये आडवाणीजी कैसे आपको याद आ गए। इनके फोटो के साथ पहले कभी आपको देखा नहीं। क्या बात है, लेकिन अच्छा लगा कि आप आडवाणीजी को तवज्जो दे रहे हैं।

अशफाक अहमद ने लिखा है आडवाणी की तस्वीर देखकर खुशी हो रही है। भाजपा के एक ब़़डे नेता के दिल में आज भी उनके लिए जगह है। कुछ लोगों ने शिवराज के संदेश का मजा भी लिया और लिखा कि मामाजी सूर्य उत्तरायण तो दिसंबर में हो गए थे।

वही एक यूजर ने शिवराज सिंह को आडवाणी पार्ट टू बताया है।

एक यूजर का कहना है कि मामा जी आडवाणी जी हम सबके आदरणीय हैं लेकिन वर्तमान में मोदीजी की फ़ोटो अवश्य होनी चाहिए थी साथ में आपसे यह भूलवश नहीं हुआ है यह जानबूझकर किया है आपने सत्या पिक्चर का डायलॉग याद रखें 1 गया तो सब गये,मोदी गये तो आप सब भी गये।

एक अन्य यूजर ने ट्वीट करते हुए लिखा, भाजपा के कोई भी नेता के घर या ऑफिस केबिन में जाओ मोदी की ही तस्वीर दिखेगी, शिवराज के केबिन में सिर्फ आडवाणी की तस्वीर है। संदेश साफ है भाजपा में मोदी के विरोध की लॉबिंग शुरू हो गई है।

 लोकसभा में इस सीट से चुनाव लडवा सकती है पार्टी

बताया 2014 में नरेन्द्र मोदी ने शिवराज को केंद्र में कृषि मंत्री का पद ऑफर किया था, लेकिन शिवराज ने उसे विनम्रता पूर्वक अस्वीकार कर दिया था।उसके बाद से ही केंद्रीय नेतृत्व इस ताक में बैठा था कि शिवराज को कब केन्द्र की राजनीति में धकेला जाए। मध्य प्रदेश में पार्टी के हारने के बाद अमित शाह को ये मौका मिल गया। अमित शाह अब शिवराज को केंद्र की राजनीति में ही फिट करना चाहते हैं ताकि प्रदेश में नए नेतृत्व को मौका मिल सके।हालांकि शिवराज केन्द्र में जाने से मना कर चुके है, इसी के चलते पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद सौंपा है।  खबर है कि पार्टी अब लोकसभा चुनाव में भी उन्हें लडाने का सोच रही है।चुंकी शिवराज 15  साल प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद पर रहे और लोगों के पीछे उनकी अच्छी पकड़ है, जिसका पार्टी लोकसभा चुनाव में फायदा उठाने का सोच रही है। माना जा रहा है कि पार्टी शिवराज को सुषमा स्वराज की लोकसभा सीट विदिशा से चुनाव लड़ा सकती है। 

2014  में आडवानी ने की थी शिवराज की तारीफ

 2014 लोकसभा चुनाव से पहले लाल कृष्ण आडवाणी ने एक रैली में कहा था कि शिवराज सिंह चौहान ने बीमारू राज्य मध्य प्रदेश को विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा कर दिया है। इसके लिए उनका बहुत अभिनंदन। वहीं उन्होंने नरेन्द्र मोदी की भी तारीफ की थी लेकिन शिवराज को उन्होंने मोदी से बेहतर बताया था।शिवराज को आडवानी खेमे का माना जाता है। वे शुरु से ही दिवगंत पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई और वर्तमान भाजपा वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के करीब रहे है और राजनीति के कई गुण भी उनसे ही सीखे है।