सत्ता के शिखर पर पहुंचाने वाली योजना से शिवराज को क्यों परहेज

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भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार बनाने में तीन बार सफल रही है। चौथी बार भी सत्ता हासिल करने के लिए संघर्ष कर रही है। केंद्रिय नेतृत्व ने भी एमपी में डेरा डाल रखा है। प्रदेश में इस बार सरकार के खिलाफ माहौल देखने को मिल रहा है। राजनीति के जानकारों का भी कहा है कि चौथी बार भाजपा के लिए राह बेहद कठिन है। चुनाव प्रचार का आज अंतिम दिन है। मुख्यमंत्री ने 6 अक्टूबर से लगू आचार संहिता से लेकर 26 नवंबर तक ताबड़तोड़ रैलियां कर प्रदेश में जनता से वोटिंग की अपील की, लेकिन इस दौरान उन्होंने उस योजना का जिक्र नाममात्र किया जिसके दम पर वह सत्ता के पायदान चढ़ने में सफल रहे। वह है लाडली लक्ष्मी योजना। 2007 में सरकार ने इस योजना को लॉन्च कर तहलका मचा दिया था। इस योजना को अलग अलग नामों से अन्य राज्यों ने भी अपनाया। लेकिन अब ऐसा क्या हो गया जो शिवराज तमाम गुणगान में इस योजना का नाम लेने से कतरा रहे हैं। 

दरअसल, प्रदेश में भाजपा तीन बार से लगातार सरकार बना रही है। इन तीन टर्म में सरकार ने कई अच्छे काम किए लेकिन उनमें भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम रही। मुख्यमंत्री शिवराज पर आरोप लगते रहे हैं कि वह अफसरों की मनमानी रोकने में नाकामयाब साबित हुए हैं। वह भले कलेक्टरों को मंच से उल्टा लटकाने की बात कहें लेकिन धरातल पर उनकी बातों का असर कुछ और ही दिखाई देता है। कांग्रेस ने चुनाव से ऐनवक्त पहले कागजात जारी कर शिवराज सरकार पर गांभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने इस योजना में हुए भ्रष्टाचार का पुलिंदा पैश किया है। 

कांग्रेस का आरोप है कि इस योजना में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया है। प्रदेश की 30 लाख से अधिक भांजियों के साथ धोखा कर उन्हें दी जाने वाली राशि का सरकार ने दुरूपयोग किया है। कांग्रेस ने सोमवार को जारी बयान में आरोप लगाया कि, “शिवराज सिंह चौहान ने लाडली लक्ष्मी योजना के माध्यम से बेटियों का मामा बन खूब ढोल पीटा। यह कहा कि हर बेटी जो 12वीं कक्षा में जाएगी व 18 वर्ष की आयु तक शादी नहीं करेगी उस 18000 रुपए नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट अर्थात एन एस सी मिलेगा।” 

कांग्रेस का आरोप है कि इस एनएससी फंड पर शिवराज सरकार का निहग पड़ी और उसका दुरूपयोग किया गया। कांग्रेस ने कहा कि, “दिनांक 24 दिसंबर 2014 को अपनी कैबिनेट में यह षड्यंत्र किया कि अब एनएससी सर्टिफिकेट की बजाय कागजी प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इतना ही नहीं पूर्व में जारी किए गए सारे एनएससी सर्टिफिकेट आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से वापस लेकर लाडलीओ की जमा लगभग 5000 करोड़ की निधि पर डाका डाल दिया और उन्हें कागज के टुकड़े थमा दिए गए यह धोखा प्रदेश की 30 लाख से अधिक भांजियों से कंस मामा ने किया।”