शिवराज के बयान से चढ़ा सियासी पारा, कांग्रेस को फिर चेताया

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भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के टाईगर वाले बयान के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बहुमत का आंकड़ा नहीं मिला। कांग्रेस 114 सीटों पर ही सिमट गई। लेकिन बाद में बीएसपी के समर्थन से कांग्रेस सरकार बनाने में कामयाब हो गई। तभी से कयास लगाए जा रहे हैं कि लोकसभा चुनाव के साथ एमपी में एक बार फिर विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। इन सब के बीच पूर्व सीएम के बयान ने भी सियासी गलियारों में इस अफवाह को और हवा दे दी। उन्होंने कहा कि वह सत्ता में पांच साल से पहले ही वापसी करेंगे। इसके अलावा आज फिर उन्होंने ट्वीट किया है कि लम्बी दौड़ या ऊँची छलांग से पहले दो क़दम पीछे हटना पड़ता है।

एक अन्य ट्वीट में भी शिवराज ने कांग्रेस को सख्त नसीहत दी है। उन्होंने लिखा है “31 मार्च 2018 तक का टाइम बैरियर लगा कर, छन्नी लगा कर आधी-अधूरी क़र्ज़ माफ़ी की घोषणा मेरे प्रदेश के किसान भाइयों-बहनों के साथ घोर अन्याय है। कांग्रेस को ऐसे छलावे से दूर रहना चाहिए।लेकिन, ये वो ठीक से जान ले कि मैं सोया नहीं हूँ, मै जाग रहा हूँ और मेरी पैनी नज़रें उन पर ही हैं।”

मध्यप्रदेश में पिछले दिनों सत्ता में परिवर्तन के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज ये कहकर राजनीति गलियारों में हलचल मचा दी है कि लम्बी दौड़ या ऊँची छलांग से पहले दो क़दम पीछे हटना पड़ता है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि हर एक लम्बी दौड़ या फिर ऊँची छलाँग से पहले दो क़दम पीछे हटना पड़ता है। इसके पहले उन्होंने अपने निवास पर अपने निर्वाचन क्षेत्र बुधनी के सैकड़ों लोगों से मुलाकात की थी। इस कार्यक्रम का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह बुधनी के लोगों से ये कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि उन्हें चिंता करने की कोई जरुरत नहीं क्योंकि मध्यप्रदेश में‘टाइगर’ अभी जिंदा  है। उनके इस बयान के भी कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है कि उन्हें मुख्यमंत्री निवास लौटने में पांच साल भी नहीं लगें। चौहान प्रदेश में पिछले 13 साल से मुख्यमंत्री थे। हाल ही में कांग्रेस की प्रदेश में सत्ता में वापसी के बाद कमलनाथ ने नए मुख्यमंत्री का पद संभाला है।

इससे पहले भी खबर आई थी कि भाजपा कांग्रेस के कई विधायकों को तोड़ने की रणनीति बना रही है। और इसके लिए कई विधायकों से संपर्क भी किया गया है। लेकिन इन बातों की पुष्टि दोनों पार्टी की ओर से नहीं की गई। लिहाजा यह अभी तक कोरी अफवाह ही साबित हो रही हैं। लेकिन सीएम के इस तरह के बयानों से एक बात साफ है कांग्रेस के सामने भाजपा बड़ी चुनौति साबित होगी।