मुरैना शराब कांड : SIT ने सौंपी रिपोर्ट, हो सकता है आबकारी नीति में बदलाव

एसआईटी ने 10 बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट में आबकारी नीति (Excise Policy) में बदलाव करने और अधिनियम को ज्यादा सख्त करने की सिफारिश की है।

MP

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मुरैना (Morena)  में जहरीली शराब (Poisonous liquor) से हुई 26 मौतों के मामले में एसीएस गृह डॉ. राजेश राजौरा  (Dr. Rajesh Rajaura) की अध्यक्षता में गठित एसआईटी(SIT) ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) को सौंप दी है। एसआईटी ने 10 बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट में आबकारी नीति (Excise Policy) में बदलाव करने और अधिनियम को ज्यादा सख्त करने की सिफारिश की है।

यह भी पढ़े… KBC : अमिताभ बच्चन की पूरी हुई मांग- MP की इस महिला पुलिसकर्मी का तबादला

उम्मीद की जा रही है कि आबकारी नीति में बदलाव किया जा सकता है।आज मुख्यमंत्री शिवराज ने दोपहर में अवैध शराब रोकथाम के लिए कलेक्टर्स और कमिश्नर्स की बैठक (Collector and commissioner’s meeting) बुलाई गई है।इतना ही नहीं रिपोर्ट में अवैध शराब बनने और बाहरी राज्यों से शराब की खेप आने पर अंकुश लगाने के सुझाव दिए है। अवैध शराब पर रोक के लिए प्रदेश में यूपी (UP) जैसा कानून लागू करने की सिफारिश की गई है।

बता दे कि यूपी की आबकारी नीति में नई धारा-60 (क) जोड़ी गई है, जिसमें अवैध शराब बेचने या उपभोग के लिए उपलब्ध करवाने से किसी व्यक्ति की मृत्यु अथता स्थायी अपंगता होने पर आजीवन कारावास या 10 लाख रुपए की सजा का प्रावधान है।

यह भी पढ़े… MP Board : इस दिन जारी होगी 10 वीं और 12 वीं परीक्षाओं को लेकर समय सारणी

जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि अवैध शराब निर्माण की जानकारी पुलिस, प्रशासन और आबकारी तीनों को थी, यहां काफी लंबे समय से अवैध शराब का निर्माण हो रहा है। एसआईटी की जांच रिपोर्ट में की गई अनुशंसाओं के आधार पर अब इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आबकारी एक्ट में बदलाव किया जाए। इसके अलावा अब नई शराब नीति में बदलाव किया जाए और शराब दुकानों के ठेके छोटे-छोटे समूहों को दिए जाएंगे।

मास्टरमांइड गिरफ्तार, मकान पर चला बुलडोजर

इधर, मुरैना में अवैध शराब के कारोबार से जुड़े एक मास्टरमाइंड मुकेश किरार चेन्न्ई सहित तीन को गिरफ्तार किया है। मध्यप्रदेश पुलिस उसे लेकर यहां आएगी फिर उस पर कार्यवाही करने के लिए उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।वही पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने मुरैना के छैरा-मानपुर मे मुकेश किरार के दो मकानों को ध्वस्त कर दिया। मुकेश किरार की अवैध शराब फैक्ट्री में बनने वाली जहरीली शराब को पीने से दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

SIT टीम के मेंबर
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव गृह डा.राजेश राजौरा के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए. सांई मनोहर, सदस्य उप पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश शुक्ला की टीम गठित की गई थी, जिसने पूरे मामले की जांच कर आज रिपोर्ट सरकार को सौंपी है।

जांच रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
  • वर्तमान आबकारी नीति में बड़े ठेकेदारों को 2 से 3 जिलों के ठेके दिए हैं, ऐसे में ठेकेदार अपनी मोनोपॉली बनाकर एमआरपी से ज्यादा रेट पर शराब बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं।
  • आबकारी नीति में भी संशोधन करने की जरूरत है, क्योंकि कानून के प्रावधान बेहद कमजोर हैं।
  • MP में अवैध शराब का कारोबार करने वालों पर धारा 134 में करवाई की जाती है, जिसमें तत्काल जमानत हो जाती है। ऐसे में एक-एक व्यक्ति पर 30-40 तक मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन वे अवैध कारोबार जारी रखते है
  • शराब महंगी होने का फायदा अवैध शराब का कारोबार करने वाले उठा रहे हैं, वे अवैध शराब बनाकर गरीबों को सस्ते दाम पर दे रहे हैं।
  • आबकारी नीति में ज्यादा टैक्स होने के कारण प्रदेश में अन्य राज्यों की तुलना में शराब महंगी है।
  • मप्र में हरियाणा, यूपी और गुजरात सहित अन्य राज्यों से प्रदेश में अवैध शराब आ रही है।
  • मप्र में आबकारी टैक्स में संशोधन करने की जरूरत है। इससे भी अवैध निर्माण घटेगा।
  • नीति ऐसी बनाई जाए, जिसमें सरकार को नुकसान भी न हो और लोगों को सस्ती शराब उपलब्ध हो।
  • वर्तमान में शराब दुकान पर पाव 80 रुपए में मिलता है, जबकि अवैध कारोबारी उसे 40 रुपए में बेचते हैं। यही वजह है कि लोग अवैध शराब लेते हैं। एक पाव शराब बनाने पर 14 से 16 रुपए खर्च होते हैं।