Six-ministers-had-failed-to-cash-in-on-home-advantage-in-2013-assembly-election-in-madhya-pradesh

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में पिछली बार शिवराज सिंह कैबिनेट के छह मंत्रियों को 60 फीसदी जनता ने गृह मतदान केंद्रों में ही नकार दिया था। यह नेता अपने घर में ही 50 फीसदी वोट पाने में भी कामयाब नहीं हो सके थे। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा कुछ ही मंत्रियों को पचास फीसदी वोट मिले थे। 

मुख्यमंत्री चौहान ने अपने क्षेत्र में रिकॉर्ड तोड़ 99 फीसदी मत हासिल किए थे। उनके गृह मतदान केंद्र में 586 में से 580 वोट उन्हें मिले थे। उनके बाद मंत्री गोपाल भार्गव को उनके गृह पोलिंग बूथ पर 84 फीसदी वोट मिले थे। वहीं, उज्जैन उत्तर विधानसभा से मंत्री पारस जैन को 67 फीसदी वोट मिले थे। सीएम के गृह क्षेत्र में सिर्फ 6 वोटरोंं ने उनके खिलाफ वोट डाला था। जबकि, शेष मंत्रियों को पचास फीसदी से कम वोट मिले थे। इनमें विजय शाह, भूपेंद्र सिंह को 40 फीसदी, मंत्री नरोत्तम मिश्रा, यशोधरा राजे, राजेंद्र शुक्ला और रामपाल सिंह को 42 फीसदी वोट उनके गृह पोलिंग बूथ पर मिले थे। एक बार फिर ये सभी मंत्री मैदान में उतरे हैं। 

सूत्रों के मुताबिक ये सभी मंत्री सीएम के ख़ास माने जाते हैं। सरकार में इनका कद भी औरों से कहीं ज्यादा है। भूपेंद्र सिंह गृह मंत्री, विजय शाह स्कूल शिक्षा मंत्री, नरोत्तम मिश्रा जनसम्पर्क मंत्री, यशोधरा राजे खेल मंत्री, राजेंद्र शुक्ला उद्योग मंत्री और रामपाल सिंह को लोक निर्माण मंत्रालय सौंपा गया था। ये सभी कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। 

नाम

पोलिंग बूथ

कुल वोट

प्राप्त वोट

वोट प्रतिशत

शिवराज सिंह चौहान
24 586 580 99%
विजय शाह 148 618 248 40%
भूपेंद्र सिंह 24 770 310 40%
नरोत्तम मिश्रा 92 901 387 42%
यशोधरा राजे सिंधिया 165 935 394 42%

राजेंद्र शुक्ल 

111 710 299 42%
रामपाल सिंह 52 530 224

42%

(सभी आंकड़े चुनाव आयोग के 2013 के नतीजों के अनुसार हैं)