Sushma-Swaraj-said-the-heartwarming-talk-on-Vidisha's-last-visit

भोपाल। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज नहीं रहीं। मंगलवार को दिल्ली में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। मध्य प्रदेश से सुषमा का गहरा नाता रहा है, व‍िद‍िशा लोकसभा क्षेत्र से वे 2009 और 2014 में दो बार सांसद भी रहीं| हालांकि व्यस्तता और स्वास्थ्य कारणों के चलते दूसरे कार्यकाल में सुषमा विदिशा दौरे पर कम ही आई , इस दौरान उनके खिलाफ विदिशा में गुमशुदा के पोस्टर भी लगाए गए थे| जिसको लेकर वो काफी आहात भी हुई थी और जब उन्होंने चुनाव न लड़ने का फैसला किया तब भी उन्होंने कहा था भले ही वो यहां कि सांसद न हो लेकिन लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहेंगी और लोगों की मदद के लिए उनके दरबाजे हमेशा खुले रहे| विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र के कई लोग उनकी मदद के लिए दिल्ली पहुंचे या फोन पर संपर्क किया, कोई भी निराश नहीं हुआ| विदिशा के अपने अंतिम दौरे पर आई सुषमा स्वराज ने भावुक बातें कही थीं| 

विदेश मंत्री रहते सुषमा स्वराज अंतिम बार विदिशा 21 फरवरी को ऑडिटोरियम के लोकार्पण समारोह में शामिल होने आई थीं। इस दौरान पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान पूरे समय उनके साथ थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि वे अपना आखिरी वचन निभाने के लिए यहां आई हैं। अपने भाषण में उन्होंने लगातार विदिशा के दौरे पर नहीं आने की पीड़ा जाहिर की थी| उन्होंने क्षेत्र के लोगों से हर माह विदिशा आने का वादा किया था। जिसे निभाने में कामयाब भी रही। लेकिन दूसरे कार्यकाल में यह पूरे समय तक जारी नहीं रह सका। उन्होंने कहा था कि इस कार्यक्रम में वह अपना आखरी वचन निभाने आई है।

उन्होंने कहा था लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने जनता की मांग पर वाद किया था,  जिसमें से बायपास रोड का निर्माण, मेमू ट्रेन की शुरुआत और रेल कारखाने का निर्माण पूरा हो गया है। वहीं मेडिकल कॉलेज और ऑडिटोरियम की सौगात उन्होंने अपनी ओर से दी है। इस दौरान सुषमा ने अपने 10 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को भी गिनाया था। विदिशा और मध्य प्रदेश के लोगों के लिए सुषमा स्वराज का ख़ास जुड़ाव था, अब वे इस दुनिया में नहीं है लेकिन प्रदेश में उन्हें हमेशा स्मरण करता रहेगा| प्रदेश की राजनीति में भी सुषमा स्वराज का खासा दखल एक समय तक रहा है, कई महत्वपूर्ण विषयों पर शिवराज जो सुषमा को अपनी बहन सामान मानते थे उनसे समय समय पर सलाह मश्वरा करते थे|