एमपी: युवाओं के ‘स्वाभिमान’ को लगा झटका, दम तोड़ रही सरकार की यह योजना

भोपाल। मध्य प्रदेश में सत्ता में आई कमलनाथ सरकार ने प्रदेश के युवाओंं से वादा किया था कि वह युवाओं के लिए रोज़गार के जरिए पैदा करेंगे। प्रदेश के युवाओं के रोज़गार देने के लिए सरकार ने ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने के कदम उठाए थे। कमलनाथ सरकार ने पिछले साल युवा स्वाभिमान योजना लॉन्च की थी। लेकिन अब यह योजना दम तोड़ती दिख रही है। 

दरअसल, पिछले साल फरवरी में कमलनाथ सरकार ने शहरी बेरोज़गार युवाओं के लिए 100 दिन के रोज़गार देने वाली स्वाभिमान योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना के तहत युवाओं को साल भर में 100 दिन का रोज़गार मुहैया कराना था। जिसमें प्रशिक्षण भी शामिल है, का लक्ष्य रखा गया था।  योजना में 21 से 30 साल तक के शहरी नौजवान जिनके परिवार की सालाना आमदनी 2 लाख रुपये से कम है, उन्हें 100 दिन में 4 हजार रुपये महीने के हिसाब से कुल 12 हजार रुपये मानदेय भी मिलना तय किया गया।

इस योजना के लागू होने के बाद प्रदेश के युवा बड़ी संख्या में इस ओर आकर्षित हुए थे। लेकिन इस योजना के धरातल पर आते ही युावओं ने इसस दूरी बनाना शुरू करदी। जिससे सरकार  की इस महत्वपूर्ण योजना को धक्का लगा है। दरअसल, प्रदेश में इस योजना के तहत जिन युवाओं ने अपना पंजीयन कराया था उन्हें ट्रेनिंग के लिए सेंटर अलाट किए गए थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक,  भोपाल में इसकी पड़ताल की तो पाया कि जिन युवाओं ने इस योजना में पंजीयन करवाया था, उनमें से ज्यादातर ने ट्रेनिंग ही शुरू नहीं की. युवाओं का तर्क था कि उन्हें ट्रेनिंग सेंटर या तो घरों से दूर दिए गए थे या फिर उन्हें उनकी पसंद के ट्रेड में ट्रेनिंग नहीं दी जा रही थी. इसलिए उन्होंने ट्रेनिंग लेने में रुचि नहीं दिखाई।

आंकड़े दे रहे गवाही

शहरी बेरोजगार युवा साल भर में ही कैसे इस योजना से दूर हो गए, इसकी तस्दीक इन आंकड़ों से भी होती है. मध्य प्रदेश के प्रमुख निकायों की स्थिति देखें तो…

– राजधानी भोपाल में 18092 युवाओं ने योजना में पंजीयन करवाया और इनमे से 527 युवाओं को अस्थायी रोजगार मिला.

– जबलपुर में 12296 युवाओं ने योजना में पंजीयन करवाया और 1316 युवाओं को अस्थाई रोजगार मिला.

– उज्जैन में 4201 युवाओं ने पंजीयन करवाया लेकिन इनमे से सिर्फ 303 युवाओं को अस्थायी रोजगार मिला.

– ग्वालियर में कुल 9000 युवाओं ने पंजीयन कराया लेकिन सिर्फ 120 युवाओं को रोजगार मिला.

– मन्दसौर में 1556 युवाओं ने पंजीयन करवाया लेकिन इनमे से महज 313 ने अस्थाई रोजगार प्राप्त किया.

– नीमच में 503 युवाओं ने पंजीयन करवाया और 218 युवाओं ने अस्थाई रोजगार प्राप्त किया.