इस कांग्रेस MLA ने छोड़ा एक माह का वेतन, BJP के विश्वास मत पर उठाए सवाल

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भोपाल।
आज मंगलवार को विधानसभा में शिवराज सरकार द्वारा विश्वात प्रस्ताव पार कराने के बाद सियासत गर्मा गई है। विपक्ष ने इस प्रस्ताव का लगातार विरोध कर रहा है।विपक्ष का तर्क है कि कोरोना वायरस से लड़ने की बजाय बीजेपी को विश्वास मत लाने की इतनी जल्दी क्या थी। कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा का कहना है कि प्रदेश सरकार को ऐसी क्या जल्दी थी जो उन्हें विश्वास मत करवाना पड़ा।वही उन्होंने ऐलान किया है कि मैं अपना एक माह का विधायक वेतन संक्रमण से लड़ने के लिए प्रशासन को दे रहा हूं।

दरअसल, सज्जन ने ट्वीट के माध्यम से सरकार पर वार किए है। सज्जन ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर विश्वास मत प्रस्ताव, शिवराज के चौथी बार मुख्यमंत्री बनने ,आगामी दिनों में होने वाले उपचुनाव और एक महीनें की सैलरी छोड़ने को लेकर ट्वीट किए है। सज्जन ने पहले ट्वीट में लिखा है कि पहले शिवराज सिंह चौहान भोपाल में कर्फ्यू लगवाते हैं और फिर विधानसभा का सत्र बुलाकर जनप्रतिनिधियों को कानून तोड़ने के लिए कहा जाता है। आखिर ऐसी भी क्या जल्दी थी इस महामारी के वक्त में भी भाजपा सरकार को विश्वास मत हासिल करने की जल्दी पड़ी रही।

वही अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि जिस शिवराज को प्रदेश की जनता ने नकार दिया था, आज उसी शिवराज सिंह चौहान को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में षडयंत्र कर वापस से जनता पर थोप दिया गया है। साथ ही उन्होंने आश्वासन जताया है कि जल्दी प्रदेश की 25 विधानसभा सीट पर उपचुनाव होंगे और इन सभी सीटों पर प्रदेश की जनता भाजपा के छल बल को नकार देगी। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस इन सभी सीटों को जीतकर वापस सत्ता में आएगी।

वही सज्जन वर्मा ने ट्वीट कर लिखा कि कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए इच्छाशक्ति जनता के सहयोग तथा आर्थिक सहयोग की आवश्यकता होगी, मैं अपना एक माह का विधायक वेतन संक्रमण से लड़ने के लिए प्रशासन को दे रहा हूं।