इस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ सकती है शशि कर्णावत, बीजेपी मे हड़कंप की स्थिति

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भोपाल

विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की नजर लोकसभा चुनाव पर है। इस बार कांग्रेस का फोकस 24  सीटों पर है, इसी के चलते ऐसे चेहरों की तलाश की जा रही है जो भाजपा के गढ़ों को भेद सके। इसी बीच खबर है कि कांग्रेस शिवराज सरकार मे बर्खास्त आईएएस अधिकारी शशि कर्णावत को लोकसभा चुनाव लड़वा सकती है। कर्णावत को टीकमगढ़ सीट से भाजपा के खिलाफ मैदान में उतारा जा सकता है।चुंकी वे खुद बुदेंलखंड की है और विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने शिवराज सरकार के खिलाफ प्रचार किया था। हाल में कांग्रेस ने कर्णावत को विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस का महासचिव बनाया था। वही इस खबर से भाजपा में हडकंप की स्थिति है,क्योंकि विधानसभा चुनाव के दौरान कर्णावत ने गा-गाकर शिवराज सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था।

दरअसल,  शशि कर्णावत 1999 बैच की आईएएस रही हैं । शशि कर्णावत बुंदेलखंड की रहने वाली हैं और अपनी तेज तर्रार शैली के चलते काफी लोकप्रिय भी हैं। पहली बार वे सुर्खियों में तब आई थी जब तत्कालीन शिवराज सरकार द्वारा उन्हें बर्खास्त किया गया था और उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।जिसका असर विधानसभा चुनाव के दौरान देखने को मिला। उन्होंने शिवराज सरकार के खिलाफ जमकर प्रचार किया था और कांग्रेस में शामिल हो गई थी। कांग्रेस ने उन्हें महासचिव बना दिया, जिसका फायदा उन्हें चुनाव में भरपूर मिला। सुत्रों की माने तो अब कांग्रेस लोकसभा में भी इसका फायदा उठाकर उन्हें चुनावी मैदान में केन्द्रीय मंत्री वीरेन्द्र खटीक के खिलाफ उतारना चाहती है।  पार्टी के निर्देश पर शशि कर्णावत टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र का दौरा भी कर चुकी हैं और वहां के समीकरणों को समझ भी चुकी हैं।

बताते चले कि  बुंदेलखंड अंचल की ये सीट अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। फिलहाल यहां के बीजेपी सांसद वीरेंद्र खटीक केंद्र सरकार में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री हैं। खटीक को चुनौती देने के लिए शशि कर्णावत एक मजबूत उम्मीदवार हो सकती हैं।चुंकी शशि कर्णावत दलित चेहरा हैं, जो कि खुद के साथ अन्याय को लेकर आंदोलन कर रही हैं और उन्होंने दलितों संगठनों में पैठ भी बना रखी है। मालूम हो कि बुंदेलखंड का यह इलाका हमेशा से ही पानी की समस्या से जूझता रहा है, लेकिन आजतक बीजेपी मुद्दे को सुलझा नही पाई है। पिछले तीन सालों से यह जगह सूखे के भी चपेट में है,  इस बार कांग्रेस इसी मुद्दे को आगे कर केन्द्र की मोदी सरकार को घेरने की तैयारी कर करेगी।

लेकिन कांग्रेस की राह नही होगी आसान

अगर कांग्रेस कर्णावत को यहां से खड़ा करती है तो कांग्रेस की राह आसान नही होने वाली है। क्योंकि खटीक टीकमगढ़ से छह बार लोकसभा सांसद रहे हैं। इसके साथ ही वह राष्‍ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के सदस्‍य भी है। जेपी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कुमार आपातकाल के दौरान 16 महीने जेल में रहे थे।डॉ वीरेन्द्र कुमार की छवि ��क सादगी पूर्वक रहने वाले ईमानदार और अपने संसदीय क्षेत्र में सदैव सक्रिय रहने वाले सांसद के रूप में है। यह केन्द्रीय मंत्री उमा भारती की भी अच्छी पकड़ है, जिसके चलते कांग्रेस को इस किले को भेदना आसान नही होगा।