Shivraj Cabinet : उपचुनाव से पहले तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत का इस्तीफा

  राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ( Govind Singh Rajput) और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट (Tulsi Silavat) ने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया है।

govind tulsi

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश उपचुनाव (Madhya Pradesh by-election) से पहले बड़ी खबर मिल रही है। शिवराज कैबिनेट (Shivraj Cabinet) में ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक दो मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।  राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ( Govind Singh Rajput) और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट (Tulsi Silavat) ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है।

सीएम शिवराज ने उनके इस्तीफे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेजे हैं। दोनों मंत्री विधायक नहीं हैं और उनको मंत्री बने 6 महीने पूरे होने हो गए है। अबतक दोनों बिना विधायक बने छह महीने से मंत्री पद पर थे लेकिन कार्यकाल पूरा होने के बाद दोनों ने इस्तीफा दे दिया है।वहीं इन दोनों नेताओं के इस्तीफे की मांग काफी समय से उठ रही थी। विपक्ष सरकार पर इनके इस्तीफे के लिए लगातार दबाव बना रहा था। सिलावट सांवेर सीट (Sanver Assembly) से भाजपा प्रत्याशी (BJP Candidate) है।

दरअसल, मार्च में ज्योतिराज सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) अपने 22 समर्थक विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हुए थे और कमलनाथ की सरकार (Kamal Nath) गिर गई थी। सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhaan) ने 23 मार्च को चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वही 21 अप्रैल को मंत्री पद की शपथ लेने वाले पांच मंत्रियों में से डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा, कमल पटेल , मीना सिंह विधानसभा से निर्वाचित सदस्य है, लेकिन गोविंद सिंह राजपूत और तुलसी सिलावट निर्वाचित सदस्य नहीं है, क्योंकि कांग्रेस (Congress) छोड़ने के बाद इन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। वही कोविड-19 के कारण उपचुनाव 6 महीने के भीतर नहीं कराए जा सके और राजपूत व सिलावट को मंत्री बने मंगलवार को 6 महीने पूरे हो गए है, ऐसे में आज दोनों मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ा।

क्या कहता है नियम

नियम अनुसार बिना सदस्य निर्वाचित हुए 6 महीने से ज्यादा मंत्री पद पर नहीं रह सकते हैं।जानकारों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय है कि कोई व्यक्ति लोकसभा और विधानसभा का चुनाव (Lok Sabha and Vidhan Sabha elections) जीते बिना मंत्री बन जाता है तो वह छह माह तक ही पद रह सकता है। उसे इन छह माह में चुनाव जीतकर सदन का सदस्य बनना जरूरी है। यदि उसे सदन का सदस्य बने बिना दोबारा मंत्री बनाना है तो पहले इस्तीफा देना होगा

इनको मिल सकती है जिम्मेदारी

सूत्रों का कहना है कि गोविंद सिंह राजपूत और तुलसी सिलावट के पद छोड़ने की स्थिति में राजस्व विभाग का प्रभार कृषि मंत्री कमल पटेल (Agriculture Minister Kamal Patel) या सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया (Cooperative Minister Arvind Bhadoria) को दिया जा सकता है। जल संसाधन विभाग डॉ नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) और परिवहन का अतिरिक्त प्रभार नगरी विकास व आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह (Bhupendra Singh) को दिया जा सकता है।

इधर, कांग्रेस ने की शिवराज कैबिनेट भंग करने की मांग

पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा(sajjan singh verma) ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल(Anandiben Patel) से शिवराज कैबिनेट को भंग करने की मांग की है।सज्जन सिंह वर्मा ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से अपील की है कि शिवराज कैबिनेट के मंत्री तुलसी सिलावट(tulsi silawat) और गोविंद सिंह राजपूत(govind singh rajput) के कार्यकाल खत्म हो और इसके साथ ही पूरे शिवराज कैबिनेट (shivraj cabinet) को भंग किया जाए। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि शिवराज सरकार ने पूर्व विधायकों को बिना विधायकी के मंत्री बनाया है, जो कि गलत है। अगर उनके कार्यकाल खत्म होकर कैबिनेट को भंग किया जाता है तो होने वाले उपचुनाव भाजपा वैसे ही हार जाएगी।

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