Hindi News

उमंग सिंघार का आरोप ‘मध्यप्रदेश में गरीबों का राशन माफियाओं के कब्जे में’, सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग

Written by:Shruty Kushwaha
Last Updated:
केंद्र सरकार के डेटा विश्लेषण का हवाला देते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गरीबों के हक का राशन बड़ी संख्या में अपात्र लोग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के अनुसार जितने लोगों मुफ्त में सरकारी खाद्यान्न दिया जा रहा है, उनमें से हर दूसरा व्यक्ति अपात्र है।
उमंग सिंघार का आरोप ‘मध्यप्रदेश में गरीबों का राशन माफियाओं के कब्जे में’, सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग

Umang Singhar

उमंग सिघार ने मध्यप्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए मुफ्त राशन योजना का लाभ बड़े पैमाने पर अपात्र लोग उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में ‘राशन माफिया’ सक्रिय है, जो गरीबों के हक का अनाज हड़प रहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया है कि ‘क्या सरकार सिर्फ घोषणाओं तक सीमित रहेगी? या अपात्र लोगों की जांच कर उन्हें सूची से हटाकर असली हकदार को उनका हक देगी?’ इसी के साथ उन्होंने मांग की कि सरकार इस विषय पर तत्काल कार्रवाई करे और सुनिश्चित करे कि गरीबों के हिस्से का अनाज उन्हीं तक पहुंचे।

उमंग सिंघार ने लगाया सार्वजनिक वितरण प्रणाली में घोटाले का आरोप

उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि है कि पीडीएस में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। उन्होंने कहा कि ‘प्रदेश में 1.29 करोड़ परिवारों को मुफ्त में सरकारी खाद्यान्न दिया जा रहा है, लेकिन केंद्र सरकार के डेटा विश्लेषण में सामने आया है कि इनमें से 64.88 लाख लाभार्थी अपात्र हैं। यानी लगभग हर दूसरा व्यक्ति बिना पात्रता के मुफ्त राशन ले रहा है। इन अपात्रों में शामिल हैं: – 1 हेक्टेयर से अधिक जमीन वाले लोग – 6 लाख रुपये से अधिक सालाना आय वाले लोग – कंपनियों के संचालक – 17,901 कंपनी संचालक मुफ्त राशन योजना का लाभ ले रहे हैं’। उन्होंने कहा कि असली राशन प्रदेश के “राशन माफिया” हड़प रहे हैं।

सरकार से कार्रवाई की मांग 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि गरीब आदिवासी लोगों के मजदूरी करके हाथ के अंगूठे के निशान मिट जाते हैं जिसके चलते पात्र गरीब एवं आदिवासी मजदूरों को राशन नहीं मिलता, इस योजना की यह भी एक त्रुटि है। उन्होंने कहा कि ‘सबसे शर्मनाक बात यह है कि एक ओर भाजपा सरकारें (केंद्र और प्रदेश) गरीबों को मुफ्त राशन देने का ढोल पीटती हैं, वहीं हकीकत यह है कि असली राशन तो प्रदेश के “राशन माफिया” हड़प रहे हैं।’ उमंग सिंघार ने सरकार से इस मामले पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
Follow Us :GoogleNews