Union Carbide Waste Disposal Pithampur : पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने को लेकर सियासत जारी है। एक तरफ कांग्रेस लगातार इसका विरोध कर रही है। जीतू पटवारी ने चुनौती दी है कि रामकी कंपनी के आसपास के जलस्तर की जाँच की जाए और अगर वहां कैंसर तत्व नहीं मिलते हैं तो वो सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे। इसके कड़ा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि ये कांग्रेस का ही कचरा है और उनके ही शासनकाल में ये भयावह त्रासदी हुई थी। सीएम ने कहा कि कांग्रेस भोपाल को मरने के लिए छोड़ गई थी और अब डराने का काम कर रही है।
बता दें कि आज से पीथमपुर स्थित रामकी एनवायरो फैक्ट्री में यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ट का निपटान शुरू हो गया है। पहले चरण में फैक्ट्री के इंसीनरेटर में 10 टन कचरा जलाया जा रहा है। इस दौरान मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर उपस्थित हैं। वहीं, फैक्ट्री परिसर के भीतर और शहर भर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं।
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यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने पर जीतू पटवारी ने सरकार पर जड़े आरोप
पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने का विरोध करते हुए कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि ‘अगर सरकार का कहना है कि जहरीला कचरा नहीं है। सरकारी विशेषज्ञों का भी यही कहना है। मैं चुनौती देता हूं मुख्यमंत्री को। आप किसी एजेंसी को भेजकर रामकी के आसपास दस किलोमीटर जलस्तर को चेक कर लीजिए कि उसमें कैंसर तत्व है या नहीं। अगर नहीं निकला तो मैं सार्वजनिक माफी मांग लूंगा। और अगर निकला तो फिर ये सरकार ने मैसेज दिया है कि आप हमें वोट देते हो, हम आपको ज़हर देते हैं कैंसर देते हैं। अपने स्वार्थों के लिए, व्यक्तिगत स्वार्थों के लिए सरकार उसके मंत्री उस ज़मीन पर किसी न किसा प्रकार का लाभ लेने के लिए कचरा पहुंचा रहे हैं। कोर्ट ने नहीं कहा कि कचरा जलाओ। कोर्ट ने कहा कि ये सरकार के विवेक पर है कि सरकार क्या करे। तो सरकार ने कहा कि हम ज़हर देंगे। इंदौर शहर ने भारतीय जनता पार्टी को लगातार विधायक दिए, सांसद दिए, महापौर दिया, दो-दो मंत्री है वहां पर। इसके बाद भी भावी पीढ़ी को कैंसर मिलेगा ज़हर मिलेगा और ये सोते रहेंगे। इंदौर की जनता देख रही है समझ रही है, भावी पीढ़ी को कैंसर परोस रही बीजेपी को सबक सिखाएगी।’
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरा, कहा ‘भोपाल को मरने के लिए छोड़ गए थे’
इस आरोप पर पलटवार करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कांग्रेस के शासनकाल में ही ये त्रासद घटना हुई थी और उस समय वो लोग भोपाल को मरने के लिए छोड़ गए थे। उन्होंने कहा है कि ‘ जीतू पटवारी में जितनी समझ है वो अपना काम कर रहे हैं। जिस चीज़ को सुप्रीम कोर्ट ने तय किया है और ये कांग्रेस का ही कचरा था। भूल गए वो कि कांग्रेस ने भोपाल में मौत बांटी थी। दस लाख से ज्यादा लोग अगर यूनियन कार्बाइड त्रासदी में मारे गए तो कांग्रेस के तत्कालीन प्रशासन की लापरवाही थी। और कांग्रेस ने सालों तक इस बीमारी को फैलाए रखा। एक तरफ भोपाल को मरने के लिए छोड़ गए और दूसरी तरफ डराने का काम कर रहे हैं। माफी मांगना चाहिए शरम आना चाहिए उनको।’ इस तरह मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के विरोध को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही सारी कार्रवाई की जा रही है और विपक्ष फिज़ूल में लोगों को डराने का काम कर रहा है।