23 जुलाई से मध्यप्रदेश में शुरू होगा गर्भवती महिलाओं का वैक्सीनेशन, यहां लगवा सकती हैं टीका

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। 23 जुलाई से मध्यप्रदेश में गर्भवती महिलाओं का वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण कार्यक्रम शुक्रवार से शुरू होने जा रहा है। प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर वैक्सीनेशन किया जाएगा। गर्भवती महिलाएं सुबह सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक टीका लगवा सकती हैं।

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बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन (NTAGI ) की गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन लगाने की सिफारिश को मंजूर कर लिया गया था। स्वास्थ्य मंत्रालय की मंजूरी के बाद गर्भवती महिलाएं CcWin ऐप पर वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकती हैं या सीधे कोविड वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर टीका लगवा सकती हैं। प्रदेश में गर्भवती महिलाओं के लिए टीकाकरण केन्द्रों पर अतिरिक्त कक्ष, निगरानी कक्ष, प्रतीक्षा कक्ष, मेडिकल ऑफिसर द्वारा पर्यवेक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने जानकारी दी कि गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण ऑनसाइट रजिस्ट्रेशन के माध्यम से नियमित टीकाकरण दिवस मंगलवार और शुक्रवार को एएनसी क्लीनिक में किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में अन्य दिनों में आने वाली गर्भवती महिलाओं का भी टीकाकरण किया जा सकता है। इसी के साथ सुमन हेल्प डेस्क के टेलीकॉलर द्वारा 20 दिनों तक टीकाकरण करवाने वाली महिलाएं से संपर्क कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी भी ली जाएगी। वहीं किसी भी प्रकार का खतरे के लक्षण पा जाने पर डीएचओ-1/डीआईओ को सूचित किया जाएगा। गर्भवती महिलाएं गर्भावस्था के दौरान किसी भी समय टीका लगवा सकती हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी अपील करते हुए कहा है कि “प्रदेश में गर्भवती माताओं के लिए कोविड 19 टीकाकरण अभियान का शुभारंभ 23 जुलाई से हो रहा है। मेरी बहनों,यह टीका आपके और हमारे भांजे-भांजियों की सुरक्षा के लिए बहुत आवश्यक है।आपसे विनम्र आग्रह है कि टीकाकरण करवाकर स्वस्थ्य म.प्र के निर्माण में योगदान दीजिये।

कोरोना की दूसरी लहर में गर्भवती महिलाओं पर भी काफी प्रभाव पड़ा था। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की एक स्टडी में ये बात सामने आई थी कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान गर्भवती महिलाओं और हाल ही में बच्चों को जन्म दे चुकी महिलाओं के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ा है। उनमें गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा था और भ्रूण पर भी इसका असर होने की आशंका थी। स्टडी में कोविड संक्रमित गर्भवती महिलाओं में प्रीमेच्योर डिलीवरी का खतरा भी सामने आया था। इस स्टडी के बाद ये बात साफ हुई है कि गर्भवती महिलाओं के लिए वैक्सीनेशन बेहद जरूरी है।