गेहूं उपार्जन: MP के किसानों को बड़ी राहत, अब इस तारीख तक कर सकते है पंजीयन

शिवराज सरकार (shhivraj government) ने रबी विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूँ उपार्जन के लिये रजिस्ट्रेशन (Registration) की तारीख आगे बढ़ा दी गई है।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के किसानों (Farmers) के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। शिवराज सरकार (shhivraj government) ने रबी विपणन वर्ष 2021-22(Rabi Marketing Year 2021-22) में समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूँ उपार्जन के लिये रजिस्ट्रेशन (Registration) की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। पहले पंजीयन की तारीख 5 फरवरी थी, लेकिन अब 5 मार्च तक किसान पंजीयन करा सकते है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहू लाल सिंह, किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल एवं सहकारिता लोक सेवा प्रबंधन मंत्री डॉ. अरविन्द भदौरीया की संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया।

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बैठक में खाद्य मंत्री बिसाहू लाल सिंह (Food Minister Bisahulal Singh) , कृषि मंत्री कमल पटेल (Agriculture Minister Kamal Patel) और सहकारिता मंत्री डॉ. अरविन्द भदौरीया (Cooperative Minister Arvind Bhadoria) ने बताया कि किसानों की उपज को समर्थन मूल्य (MSP) पर क्रय करने की दृष्टि से रबी उपज गेहँ, चना, मसूर एव सरसों की खरीदी के लिए किसान अपना पंजीयन अब 5 मार्च तक करा सकेंगे। 3,4 एवं 5 मार्च को किसानों का पंजीयन सिर्फ सहकारी समितियों के केन्द्रों पर ही किया जाएगा।

सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री डॉ. अरविन्द भदौरिया ने कहा कि उपार्जन  (Wheat procurement)  व्यवस्था इस प्रकार रखें कि प्रतिदिन उपार्जन के लिए किसान उपलब्ध रहें, जिससे खरीदी केन्द्रों पर एक साथ किसानों की भीड़ नहीं हो और खरीदी भी सहजता से की जा सके। उन्होंने कहा कि सुनिश्चित करें कि 72 घंटे के भीतर स्कंद का परिवहन (Transportation) हो जाये। भुगतान में किसी प्रकार की गड़बडी को रोकने के लिए उपज प्राप्त होने के पश्चात ही भुगतान की कार्रवाई की जायेगी।

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प्रमुख सचिव, खाद्य  फैज अहमद किदवई ने उपार्जन की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि बारदानें एवं गोदाम की व्यवस्था के लिये वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन(Ware Housing Corporation द्वारा व्यवस्था की जा रही है। बारदानों के संबंध में भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार सिर्फ जूट के बारदाने ही खरीदे जा सकते है। जूट के बारदाने प्रदाय करने वाला प्रमुख एवं बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल(West Bengal) है, जहाँ से खरीदी की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि गोदाम मालिक स्वयं भी खरीदी कर सकेंगे।

खास बात ये है कि  अब तक 21 लाख 6 हजार किसानों ने ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराया गया है जो कि विगत वर्ष की तुलना में एक लाख 59 हजार अधिक है। बता दें कि किसान पंजीयन का कार्य प्रदेश के 3518 केन्द्रों पर किया जा रहा है।