VIDEO: जब उमा ने सिंधिया को लगाया गले, कैलाश को देख ‘महाराज’ ने दिया ऐसा लुक

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

राजनीति कभी कभी ऐसी तस्वीर दिखाती है जिसपर आँखों को भरोसा करना मुश्किल होता है लेकिन शुक्रवार की रात ग्वालियर में कुछ ऐसा हुआ जिसे देखकर सभी दंग रह गए। राजनीति में एक दूसरे के धुर विरोधी तीन बड़े नेता एक दूसरे के सामने जब पड़े तो बहुत आत्मीयता से मिले , खास बात ये रही कि जब ये मिलन हो रहा था तीनों नेताओं के समर्थक जोरदार नारेबाजी कर रहे थे।

शुक्रवार की रात ग्वालियर रेलवे स्टेशन एक राजनीति की एक अलग तस्वीर का गवाह बना। हुआ यूँ कि शताब्दी एक्सप्रेस ग्वालियर आकर रुकी। इससे भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ग्वालियर आई। इसी ट्रेन से कांग्रेस महा सचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया दिल्ली जा रहे थे। नेताओं के समर्थक जोरदार नारे लगा रहे थे। कैलाश के समर्थक नारे लगा रहे थे ” देखा देखा कौन आया, बीजेपी का शेर आया”, उधर सिंधिया समर्थक नारेबाजी कर रहे थे श्रीमंत सिंधिया जिंदाबाद। स्टेशन पर सैकड़ों की संख्या में मौजूद समर्थक एक दूसरे से बुलंद आवाज लगाया मानो नारों का युद्ध लड़ रहे थे। इसी बीच सिंधिया और उमा भारती की नजर एक दूसरे पर पड़ी, सिंधिया आगे बढे, झुककर उमा भारती का अभिवादन किया तो उमा भारती ने उन्हें गले लगा लिया इतना ही नहीं उमा ने सिंधिया के सिर पर प्यार से हाथ भी फेरा और एक दूसरे से बात की।

इसी बीच कैलाश विजयवर्गीय भी इनके पास पहुँच गए। दोनो की नजर जैसे ही एक दूसरे पर पड़ी दोनों में आत्मीयता मुलाकात की। इसे बाद सिंधिया ट्रेन में बैठे गए। जिस समय राजनीति के ये तीन दिग्गज राजनीति की एक साफ सुथरी तस्वीर दिखा रहे था समर्थक परेशान थे। वे शॉक्ड थे और समझ नहीं पा रहे थे कि क्या करें। थोड़ी देर तक जोश में चलती रही नारेबाजी शांत हो गई और तीनों नेता ओन अपने गंतव्य की तरफ चले गए। बहरहाल बिगड़ी हुई वर्तमान राजनैतिक परिस्तिथियों के बीच धुर विरोधी नेताओं का अपना में यूँ गले मिलना इतना तो जरूर बताता है कि राजनीति उतनी गंदी नहीं है जितनी कुछ स्वार्थी नेताओं ने प्रचारित और प्रदर्शित की हुई है इसका दूसरा पहलू बहुत उजला और साफ है।