खरगोन, बाबूलाल सारंग। देश के राष्ट्रपति (President) डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आजाद ने कहा था कि “जब राह में अंधेरा ही अंधेरा हो और दूर तक रास्ता नहीं दिखाई दे, तो थोड़ा आगे चलकर देखना चाहिए, हो सकता है आगे उजला सवेरा मिल जाएं। ये विचार जिले में भगवानपुरा के बहादरपुरा की सारिका शांतिलाल शायद ही जानती हो या उसे पता हो। क्योंकि एक तो वो अपनढ़ है और दूसरा जिंदगी ने ऐसा मौका नहीं दिया कि वो कोई कहानी सूने या टीवी (Television) देखकर ज्ञानार्जन करें। अनजाने में ही सही अपनी सुझबुझ के साथ सारिका अपने हौंसले के सहारे चलकर अंधेरों से कहीं दूर निकलकर उजाले तक तो पहुंच गई है। लेकिन, इतना होने के बाद भी उसे साफ और स्वच्छ उजाले की तलाश है।

Women's Day Special: बेटियों को पढ़ाने के लिए मां ने खुद को मजदूरी में झौंका, 2005 से मजदूरी कर चला रही है अपना घर

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आज से 15 वर्ष पूर्व एक सड़क दूर्घटना में उनके पति की स्पॉट पर ही मृत्यु हो गई थी। बस इसी दिन से सारिका के जीवन में अंधेरे ने अपना बसेरा कर लिया था। शांतिलाल अपने पीछे बूढ़े मां-बाप और एक 6 माह की शिवानी और 18 माह की नैना को सारिका के सुपुर्द कर गए थे। अब परिवार में केवल 4 सदस्य जिनकों पालने की जिम्मेदारी भी उसी के कंधों पर आ गई और पैतृक संपत्ति के नाम पर बस एक झोपड़ी ही है, कोई खेत भी नहीं। ऐसे हालात में आदिवासी महिला सारिका ने हिम्मत नहीं हारी और मजदूरी को अपना हथियार बना लिया।

150 से 200 रूपए मिलती है मजदूरी, कहा बेटियों का सपना करना चाहती हुं पूरा

सरिका आज भी मजदूरी करती है, उन्हें कभी 150 रूपए तो कभी 200 रूपए मजदूरी मिलती है। सप्ताह में 1200 रूपए की कमाई के 4 हिस्से कर घर गृहस्थी का मैनेजमेंट करती है। एक हिस्सा बुढे़ सांस-ससुर का तो दूसरा हिस्सा बड़ी बेटी की पढ़ाई के लिए वहीं तीसरा हिस्सा छोटी बेटी के लिए और चौथा हिस्सा अन्य खर्चों व आपात समय में काम लेती है। इसी हिस्से से सारिका बड़े मैनेजमेंट के साथ सभी सदस्यों की देखभाल कर रहीं है। हालांकि कभी-कभी बड़ी बेटी नैना भी अपनी मां के साथ छुट्टी के दिनों में मजदूरी कर हाथ बंटाती है। बड़ी बेटी एग्रीकल्चर विषय लेकर 12वीं में है और वो शासकीय सेवा में जाना चाहती हैं और छोटी बेटी डॉक्टर बनना चाहती है। मां सारिका का भी यही सपना है कि वो अपने बच्चों के सपनों को पूरा कर पाए। आज महिला दिवस ऐसे में हम सब सारिका के जीवन में छाएं अंधेंरे को दूर करने की कमानाएं करते हैं।