World Human Rights Day 2022 : मानवाधिकार दिवस पर जानिये इतिहास, महत्व और इस साल की थीम

World Human Rights Day 2022: आज विश्व मानवाधिकार दिवस है। मानवाधिकार संरक्षण के संदर्भ में ये दिन बेहद महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य दुनियाभर में लोगों को मानवाधिकार के महत्व को समझाना और इसके लिए जागरूक करना है। मानवाधिकार वे अधिकार हैं जो किसी भी व्यक्ति को जन्म के साथ ही मिल जाते हैं। इनमें व्यक्ति के जीवन, स्वतंत्रता, समानता और प्रतिष्ठा का अधिकार शामिल है। इसी के साथ इनमें राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक सहित अन्य अधिकार भी आते हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने साल 1950 में 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस घोषित किया था। मानवाधिकार में लोगों के मौलिक अधिकारों का संरक्षण सम्मिलित है और ये स्वतंत्रता का अधिकार देता है। ये वो अधिकार है जिनसे किसी भी व्यक्ति को धर्म, जाति, लिंग, नस्ल भाषा, क्षेत्र, राष्ट्रीयता के आधार पर वंचित या भेदभावन हीं किया जा सकता। प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी पक्षपात के इन अधिकारों को प्राप्त करना और एक बेहतर जीवन स्तर मिलना चाहिए। इससे व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, नैतिक और सामाजिक विकास होता है और जब व्यक्ति का विकास होता है तो समाज और राष्ट्र भी उन्नति करता है।

इस साल मानवाधिकार दिवस की थीम ‘सभी के लिए प्रतिष्ठा, स्वतंत्रता और न्याय’ है। भारतीय संविधान में मानवाधिकार की गारंटी दी गई है। शिक्षा का अधिकार इसी के तहत आता है। हमारे देश में 28 सितंबर 1993 से मानवाधिकार कानून अमल में आया। 12 अक्टूबर 1993 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का गठन किया गया। आयोग राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी काम करता है। मानवाधिकार आयोग लोगों को जागरूक करने के लिए कई तरह के अभियान भी चलाता है। आज मानवाधिकार दिवस पर मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी शुभकामनाएं दी हैं और कहा है कि ‘देश के संविधान में हर व्यक्ति का अधिकार “मौलिक अधिकार” के रूप में निश्चित किया गया है। आइए, विश्व मानवाधिकार दिवस पर हम सब अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझें व देश के विकास में अपना योगदान दें।’