Health Tips: सीताफल ही नहीं इसकी पत्तियों में भी हैं दमदार गुण, जानिए पत्तियों की चाय बनाने का तरीका

Benefits Of Custard Apple Leaves : सर्दियों में सीताफल की बहार होती है। कई जगहों पर सीताफल को शरीफा भी कहा जाता है। बहुत कम समय के लिए मिलने वाले सीताफल में गुणों का खजाना होता है। सीताफल की तरह ही उसकी पत्तियों में भी गुणों की भरमार होती है। इन पत्तियों में विटामिन, मिनरल्स, कैल्शियम, पोटैशियम, फाइबर्स और एंटऑक्सीडेंट्स होते हैं। जो लोग सीताफल की पत्तियां उबालकर पीते हैं उन्हें कई तरह की समस्याओं से छुटकारा मिलता है। सीताफल की पत्तियों की चाय बनाने का तरीका बहुत आसान है और फायदे बहुत से हैं।

सीताफल के पत्तों की चाय बनाने का तरीका

सीताफल के पत्तों की चाय बनाना बहुत आसान है। सीताफल के कुछ पत्ते तोड़ लें और उन्हें बहुत ध्यान से अच्छे से धो लें। इन पत्तों को पानी में डालकर उबाल लें, चाय तैयार है। इन्हें छान कर आप रोज सुबह सीताफल के पत्तों की चाय पी सकते हैं।

सीताफल पत्तों के फायदे

  1. सीताफल के पत्तों में पोटैशियम और मैग्नीशियम भरपूर होता है, जो दिल की मसल्स को हेल्दी रखता है। जिसकी वजह से स्ट्रोक और कार्डियोवस्कुलर डिजीज का खतरा काफी हद तक कम होता है।
  2. इन पत्तों में भरपूर फाइबर्स भी होते हैं, जो शरीर में शुगर लेवल को कंट्रोल करते हैं। शुगर पर काबू रखने के लिहाज से सीताफल की चाय पी रहे हैं तो ज्यादा पत्तों की चाय बनाएं, छाने और पी जाएं।
  3. सीताफल के पत्तों की चाय स्किन एजिंग को भी कम करती है। इस चाय के सेवन से स्किन टॉक्सिन्स शरीर से ड्रेन होकर निकल जाते हैं, जिससे स्किन का ग्लो बढ़ता है।
  4. शरीफा के पत्तों से शरीर का मेटाबॉलिक रेट तेजी बढ़ता है। पाचन की प्रक्रिया ठीक रहने से पेट से जुड़े रोग परेशान नहीं करते। इसके अलावा वजन बढ़ने का डर भी कम रहता है।
  5. सीताफल के पत्तों की चाय पीते समय बस ये ध्यान रखें कि ये चाय आपको बार बार नहीं पीनी है बल्कि सुबह सिर्फ एक ही कप चाय पीनी है।
  6. अगर आपको थायरायड, बीपी या एक्यूट एसिडिटी रहती है तो एक बार डॉक्टर से जरूर सलाह लें। उसके बाद ही ये चाय ट्राई करें।

डिस्क्लेमर – इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। एमपी ब्रेकिंग इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।