बारिश के मौसम में आसानी से हो जाती हैं ये बीमारियां, बचाव के लिए इन बातों का रखें खास ख्याल

इस मौसम में दस बीमारियां तो ऐसी हैं जो बहुत आसानी से हो जाती हैं।

जीवनशैली, डेस्क रिपोर्ट। मौसम में उतार चढ़ाव का दौर शुरू हो चुका है। बारिश या मानसून का मतलब है कि किसी भी सीजन (rainy season) से ज्यादा इस सीजन में अपनी सेहत का ख्याल रखना। क्योंकि, मौसम कभी ठंडा होगा तो कभी गर्म। सबकी बॉडी टैंप्रेचर में आ रहे इस बदलाव के साथ तेजी से एडजस्ट नहीं कर सकती। इसके अलावा बारिश में मच्छरों का कहर भी आसानी से बरसता है। इस मौसम में दस बीमारियां तो ऐसी हैं जो बहुत आसानी से हो जाती हैं।

डेंगू
मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों में एक डेंगू भी है। ये बीमारी एडीज नाम के मच्छर से आसानी से हो जाती है। सिरदर्द, थकान, बुखार और जोडो में दर्द के साथ अगर प्लेटलेट्स काउंट तेजी से गिर रहा हो तो डॉक्टर को दिखाने में बिलकुल देर न करें।

येलो फीवर
डेंगू और येलो फीवर दोनों का कारण एडीज मच्छर ही है। फर्क इतना है कि येलो फीवर से पीड़ित मरीज में पीलिया के लक्षण भी नजर आने लगते हैं। बुखार, सिरदर्द के साथ इसमें मरीज को उल्टियां भी होने लगती हैं।

मलेरिया
डेंगू और मलेरिया से पहले मलेरिया ही मच्छरों के जरिए होने वाली सबसे गंभीर बीमारी थी। फीमेल एनोफिलीज मच्छर से होने वाली ये बीमारी अब भी लापरवाही करने पर जानलेवा साबित हो सकती है।

बारिश के मौसम में आसानी से हो जाती हैं ये बीमारियां, बचाव के लिए इन बातों का रखें खास ख्याल

चिकनगुनिया
मच्छरों की वजह से ही चिकनगुनिया भी फैलता है। डेंगू, येलोफीवर और मलेरिया से अलग इस बीमारी में लाल चकत्ते भी होते हैं। बुखार के साथ साथ जोड़ों में भी तेज दर्द होता है।

सर्दी और फ्लू
मानसून में सर्दी होना बहुत आम है और उससे भी आसानी से फैलता है फ्लू। ये बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन है। जो किसी भी तरह से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकती हैं। इसमें सर्दी, जुकाम और बुखार जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

लाइम डिजीज
ये बीमारी एक खास किस्म के कीड़े के काटने से होती है। हालांकि भारत में इसके मामले कम ही देखने और सुनने को मिले हैं। इसके बावजूद प्रीकॉशन रखना जरूरी है।

हैजा
बारिश के मौसम में पीने के पानी को लेकर भी सतर्क रहें। पानी में मिली किसी भी तरह की गंदगी की वजह से ये हैजा जैसी गंभीर बीमारी अपनी चपेट में ले सकती है। जिसमें भूख लगना कम हो जाती है। पीठ के निचले हिस्से में दर्द महसूस होगा इसके अलावा सर्दी और खांसी भी हो सकती है।

लेप्टोस्पायरोसिस
जानवरों की संक्रमित यूरिन या स्टूल के संपर्क में आने से ये बीमारी इंसानों तक पहुंचती है। बारिश में पानी के जरिए किसी भी संक्रमण का एक से दूसरे इंसान में ट्रांसफर होना बहुत आसान हो जाता है। जिसकी वजह से ऐसी बीमारियां तेजी से अपना शिकार बना लेती हैं।

हेपेटाइटिस ए
हेपेटाइटिस ए का संक्रमण भी पानी की वजह से तेजी से फैलता है। दूषित खाना खाने से भी ऐसी बीमारियां हो सकती हैं। ये बीमारी शरीर में लीवर को नुकसान पहुंचाती है।

टाइफाइड
साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया की वजह से होने वाली इस बीमारी में सिरदर्द, बुखार, भूख में कमी, कॉनस्टीपेशन जैसी तकलीफ हो सकती है।

ऐसे करें बचाव
>> बीमारियां अलग अलग हैं लेकिन इनसे बचाव के तरीके एक ही जैसे हैं। कुछ बातों का ध्यान रख आप सभी मौसमी बीमारियों से बच सकते हैं।
>> कोई भी व्यक्ति संक्रमित नजर आता है तो उससे दूरी बनाएं। उसके संपर्क में आने से बचें।
>> घर में जितने पानी के बर्तन हैं जैसे गमले, कूलर, सकोरे। उसमें पानी बदलते रहें। कोशिश करें कि एक ही पानी बहुत दिन तक जमा न रहे। यही पानी ?
>> मौसमी बीमारियां फैलाने वाले मच्छरों का घर बनता है।
>> पीने के पानी का खास ख्याल रखें। कोशिश करें अपने घर का ही पानी पिएं। अगर ये संभव नहीं है तो पानी का सोर्स सही तरीके से जान लेने के बाद ही पानी पिएं।
>> कहीं बाहर से आने पर हाथ पैर अच्छे से धोएं
>> मच्छरों को पनपने के सोर्स कम करने के साथ साथ घर में मच्छरों का प्रवेश रोकने के उपाय भी जरूर करें।
>> स्वस्थ शरीर के लिए भरपूर नींद लें और वर्कआउट भी करते रहें।

*Disclaimer :- यहाँ दी गई जानकारी अलग अलग जगह से जुटाई गई एक सामान्य जानकारी है। MPBreakingnews इसकी पुष्टि नहीं करता है।