खांसी से परेशान हैं तो लहसुन है फायदेमंद, जानें प्रयोग का तरीका

आयुर्वेद में भी लहसुन को औषधि मानकर प्रयोग किया जाता रहा है।

हेल्थ, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना के इस दौर में खांसी (Cough) आते ही लोग शंका की नजर से देखने लगते हैं कि कहीं कोरोना तो नहीं ? लेकिन हर खांसी कोरोना नहीं होती। गर्मियों में अक्सर कई लोगों को सूखी खांसी (Dry Cough) अथवा गले में खराश (Sore Throat) की शिकायत हो जाती हैं। यदि आपको ये शिकायत है तो लहसुन (Garlic) आपकी इस शिकायत को काफी हद तक दूर कर सकता है।

लहसुन का प्रयोग कई योगों से भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है, खासकर ऐसे खाद्य पदार्थ जो खाने में हैवी होते हैं यानि गरिष्ठ होते हैं उनके बुरे प्रभाव को कम करने के लिए लहसुन का उपयोग भी होता रहा है। आयुर्वेद में भी लहसुन को औषधि मानकर प्रयोग किया जाता रहा है।

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यदि आपको खांसी है अथवा गले में खराश है और इसके लिए आपको बार बार टोका जाता है जिसके चलते शर्मिंदगी उठानी पड़ती है तो यही लहसुन आपका मददगार बन सकता है। लहसुन के फायदे (Benefits of Garlic) जानकर आप भी हैरान हो जायेंगे। यदि आप लहसुन को अपनी डाइट में शामिल करते हैं तो ये सिर्फ खांसी में ही आराम नहीं दिलाएगा बल्कि बहुत से अन्य परेशानियों से छुटकारा दिलाएगा।

इम्युनिटी बढ़ाता है लहसुन 

लहसुन में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी बेक्टीरियल और एंटी फंगल गुण शरीर को अंदर से मजबूत करते हैं, जिससे शरीर में होने वाले कई तरह के इन्फेक्शन्स से बचने में मदद मिलती है।  लहसुन में मौजूद सल्फर बहुत से रोगों के जोखिम को कम करता है।

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पोषक तत्व से भरपूर है लहसुन 

लहसुन में विटामिन सी, विटामिन बी1, विटामिन बी6, मैगनीज, सेलेनियम और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। इसके अलावा लहसुन की कलियों में फास्फोरस, आयरन, पोटेशियम, कॉपर, कैल्शियम और  भी भरपूर होता है।

कई समस्याओं में मदद करता है लहसुन 

लहसुन पाचन को मजबूत रखता है, डाइबिटीज कंट्रोल करता है, स्किन की चमक बनाये रखने में मददगार होता है और वजन को भी कंट्रोल करता है।

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खांसी और गले की खराश में फायदेमंद 

लहसुन को क्रश करने और डेंटन से चबाने से इसके कम्पाउंड एलीसिन में बदल जाते हैं। एलीसिन जल्दी सल्फर के दूसरे कम्पाउंड में बदल जाता है जिससे इसके औषधीय गुण बढ़ जाते हैं जो वाइट ब्लड सेल्स को मजबूत करते हैं। यही वाइट ब्लड सेल्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और खांसी, कफ, वाइरल फ्लू से लड़ने में शरीर को मजबूती देते हैं।लहसुन में मौजूद एंटी फंगल तत्व खांसी पर बहुत असर करते हैं, इसके प्रभाव को रोकते हैं। पुराने लहसुन का अर्क भी खांसी, गले की खराश और फ्लू में असरकारक होता है। लहसुन की कलियों के रस को गुनगुने पानी में मिलकर पीने से भी खांसी में आराम मिलता है।

ऐसे करें लहसुन का नियमित प्रयोग 

रोज 2 से 4 लहसुन की कलियाँ कच्ची दांतों से चबाकर या निगलकर खाई जा सकती हैं। लहसुन की कलियों के छोटे छोटे टुकड़े काटकर दाल अथवा सब्जी में डालकर खाया जा सकता है। इसको खाने से पहले छीलकर 10 मिनट तक पानी में भिगोकर रखने से इसके गुण और बढ़ जाते हैं।

Disclaimer : यहां दी गई जानकारी अलग अलग स्रोतों से जुटाई गई सामान्य जानकारी है। लहसुन की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसका प्रयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले लें।