कैंसर जागरूकता दिवस 2021: लक्षण दिखते ही हो जाएं सतर्क, समय पर कराएं इलाज तो बच सकती है जान

7 नवंबर को “राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता” दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर इस दिवस को मनाने का उद्देश्य कैंसर बीमारी के सन्दर्भ में लोगों के मध्य शिक्षा और जागरूकता बढ़ाना और सरकार समेत सभी हितधारकों को कार्रवाई करने के लिए संवेदनशील बनाना है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। इस भाग-दौड़ भरी तेज़ रफ्तार लाइफस्टाइल में न जाने कितनी बिमारियां पनप रही हैं। आज के वर्तमान समय में ऐसी ही एक गंभीर बीमारी है कैंसर (Cancer) की जिसका सही समय पर उपचार कराना बेहद आवश्यक होता है। यदि इंसान के शरीर में कैंसर के लक्षण दिखाई देते हैं तो इसे तुरंत डॉक्टर से सलाह जरूर लेना चाहिए और समय पर इलाज कराने से इसके बढ़ने के चांसेस बहुत कम हो जाते हैं। हर वर्ष 7 नवंबर को “राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता” दिवस मनाया जाता है। आज कैंसर जागरूकता दिवस पर हम आपको इससे जुड़ी कुछ जानकारियां बताने जा रहे हैं।

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7 नवंबर को “राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता” दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर इस दिवस को मनाने का उद्देश्य कैंसर बीमारी के सन्दर्भ में लोगों के मध्य शिक्षा और जागरूकता बढ़ाना तथा सरकार समेत सभी हितधारकों को कार्रवाई करने के लिए संवेदनशील बनाना है। अक्सर कैंसर की बीमारी को लोग जानलेवा और खतरनाक बीमारी के तौर पर लेते हैं। यह बात सही भी है, लेकिन सच यह भी है की समय से कैंसर का पता चल जाने से हालात काफी हद तक काबू में आ जाते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि ज्यादातर मरीज कैंसर के लक्षणों को समय रहते नहीं पहचान पाते या फिर वह इनकी अनदेखी करने की कोशिश करते हैं। इस तरह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

क्या है कैंसर ?

कैंसर शरीर की कोशिकाओं के समूह की असामान्य, अव्यवस्थित एवं अनियंत्रित वृद्धि है। यदि कोशिकाओं के समूह की असामान्य, अव्यवस्थित एवं अनियंत्रित की समय पर जांच व इलाज न हो तो यह शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकता है। ये शरीर में गांठ (सिस्ट) के रूप में भी बन जाती हैष

क्यों होता है कैंसर ?

कैंसर हमारी कोशिकाओं के भीतर डी. एन. ए. (आनुवांशिक सामग्री) की क्षति के कारण होता है। डी. एन. ए. की क्षति सभी सामान्य कोशिकाओं में होती रहती है। लेकिन इस क्षति का सुधार हमारे स्वयं के शरीर द्वारा हो जाता है। कभी-कभी इस क्षति का सुधार नहीं हो पाता जिससे कोशिकाओं के गुणों में परिवर्तन हो जाते हैं। संचित डीएनए की क्षति अंत में कैंसर को जन्म दे सकती है।

कैंसर होने के कई कारण होते हैं, जैसे- तंबाकू या गुटखे का सेवन, सिगरेट और शराब पीना, लंबे समय तक रेडिएशन के संपर्क में रहना, आनुवंशिक दोष, शारीरिक निष्क्रियता, खराब पोषण, मोटापा।

कैंसर के लक्षण

  • शरीर के किसी हिस्से में गांठ महसूस होना
  • निगलने में कठिनाई होना
  • पेट में लगातार दर्द बने रहना
  • घाव का ठीक न होना
  • त्वचा पर निशान
  • मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
  • कफ और सीने में दर्द
  • थकान और कमजोरी महसूस करना
  • शरीर का वजन अचानक से कम या ज्यादा होना
  • कैंसर से कैसे बचा जा सकता है

कैंसर अब लाइलाज बिमारी नहीं है। यदि कैंसर पीड़ित समय से जांच कराकर उपचार ले तो उसकी जान बच सकती है। कैंसर से बचने के लिए धूम्रपान से दूरी बनानी होगी। इससे बचने के लिये शराब का सेवन न करें, रेडिएशन के संपर्क में आने से बचें, फाइबर युक्त डाइट लें, धूम्रपान करने से बचें, डाइट में अधिक फैट न लें, शरीर का सामान्य वजन बनाए रखें, नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। और यदी कैंसरक कोई भी लक्षण दिखाई दें तो सही समय पर इलाज करायें।