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इन लोकगीतों के बिना अधूरा है छठ महापर्व, इन्हें सुनकर छठी मैया की भक्ति में हो जाएंगे लीन

Written by:Diksha Bhanupriy
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बिहार में छठ महापर्व का काफी उल्लास देखने को मिलता है। देश के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले बिहारी भी ये पर्व धूमधाम से मनाते हैं। चलिए हम आपको कुछ लोकगीत बताते हैं।
इन लोकगीतों के बिना अधूरा है छठ महापर्व, इन्हें सुनकर छठी मैया की भक्ति में हो जाएंगे लीन

देश के बिहार झारखंड सहित कुछ राज्यों में छठ पूजा (Chhath puja 2025) का विशेष महत्व माना गया है। इस महापर्व में व्रती नियमों का पालन करते हुए कठिन व्रत रखते हैं। इस महापर्व के दौरान गीतों का अलग ही क्रेज देखने को मिलता है।

इस महापर्व से जुड़े गीतों का लोगों के बीच काफी ज्यादा क्रेज है। दरअसल इन गीतों की जो लाइन होती है वो इतने भक्ति भाव से भरी होती है कि कोई भी प्रभावित हो जाता है। आज हम आपको छठ के कुछ ऐसे गीतों के बारे में बताते हैं जिनके बिना यह लोग पर्व लगभग अधूरा है। यूट्यूब पर इन गानों को करोड़ों व्यूज मिल चुके हैं। आप भी इनका आनंद ले सकते हैं।

अर्घ्य के बेर (Chhath puja 2025 Song)

अगर छठ पूजा की शाम को बढ़ाना चाहते हैं तो अनुराधा पौडवाल का यह गाना बहुत शानदार है। अक्सर व्रत करने वाली महिलाएं इसे सुनकर मंत्रमुग्ध हो जाती हैं। इस गीत के लिरिक्स विनय बिहारी ने लिखे हैं।

उगऽ हो, सुरुज देव, अरघ के बेर
उगऽ हो, सुरुज देव, अरघ के बेर
अरघ के बेर, हो, पूजन के बेर
डोमिन बेटी सूप लेले ठाड़ बा
मालिन बेटी फूल लेले ठाड़ बा
निर्धन कोढ़ी राहे बाटे ठाड़ हे
पान-सोपाड़ी, पकवान लेले ठाड़ हे
कोसिया लेले ठाड़ हे

मारबो रे सुगवा धनुख से

यह भी अनुराधा पौडवाल के सुपरहिट गानों में से एक है। यूट्यूब पर इसे लगभग 6 करोड़ व्यूज मिले हुए हैं। यह छठ लोकगीत के एक एल्बम का गाना है जो टी-सीरीज भक्ति सागर पर मौजूद है। इस गाने को सुरेंद्र कोहली ने कंपोज किया है। आप इसे जियो सावन पर सुन सकते हैं।

नारियलवा जे फरेला खबद से
ओह पर सुगा मेड़राए
(ओह पर सुगा मेड़राए)
ऊ जे ख़बरी जनैबो अदित से
सुगा दिहली जुठियाय
(सुगा दिहली जुठियाय)

ऊ जे मारबो रे सुगवा धनुख से
सुगा गिरे मुरझाए
(सुगा गिरे मुरझाए)

चार पहर हम जल थल सेविला

अनुराधा पौडवाल का ये गाना छठ पूजा के बारे में ही है। इसे लोगों का फेवरेट सॉन्ग कहा जाए तो गलत नहीं होगा। ये यूट्यूब और जियो हॉटस्टार दोनों पर मौजूद है।

चारि पहर राति जल थल सेविलौं,
सेविलौं छठि गोरथारि छठी माता।
परसन होउ न सहाय छठी माता।
अपना ला माँगिलौं अनधन लछमी,
जुगे जुगे माँगु अहिबात छठी माता।
परसन होउ न सहाय छठी माता।
घोड़ा चढ़न लागि बेटा माँगिलौं।
माँगिलौं घर सचिनि पतोहु छठी माता।
परसन होउ न सहाय छठी माता।

छठी माई के घटिया पे

पवन सिंह का यह गाना काफी शानदार है, जिसे आप छठ पर्व के मौके पर सुन सकते हैं। इसके लिरिक्स अरुण बिहारी ने लिखे हैं। म्यूजिक शंकर सिंह का है और ये वेव म्यूजिक के बैनर तले बना है।

छठी माई के घटिया पे
आजन बाजन
बाजा बजवाईब हो
छठी माई के घटिया पे
आजन बाजन
बाजा बजवाईब

पहिले पहिल छठी मैया व्रत त्योहार

शारदा सिन्हा की आवाज में गया गया गाना बहुत ही सुंदर है। यह छठी मैया के प्रति उन लोगों की भावनाओं को व्यक्त करता है जो पहली बार व्रत रख रहे हैं। ये त्यौहार के उल्लास से भरा गीत है जो आपका दिल खुश कर देगा।

पहिले पहिल हम कईनी,
छठी मईया व्रत तोहार ।
करिहा क्षमा छठी मईया,
भूल-चूक गलती हमार ।
सब के बलकवा के दिहा,
छठी मईया ममता-दुलार ।
पिया के सनईहा बनईहा,
मईया दिहा सुख-सार ।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
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