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मैराथन में महिलाओं के बिना हिजाब दौड़ने पर आयोजकों पर अपराधिक मामला दर्ज़, हुई गिरफ्तारी, 5000 लोग हुए थे शामिल

Written by:Ankita Chourdia
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ईरान के किश द्वीप पर आयोजित मैराथन में कई महिलाओं ने अनिवार्य हिजाब के बिना हिस्सा लिया, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। न्यायिक अधिकारियों ने पब्लिक डीसेंसी के उल्लंघन का हवाला देते हुए कार्यक्रम के दो मुख्य आयोजकों को गिरफ्तार कर लिया है।
मैराथन में महिलाओं के बिना हिजाब दौड़ने पर आयोजकों पर अपराधिक मामला दर्ज़, हुई गिरफ्तारी, 5000 लोग हुए थे शामिल

ईरान में अनिवार्य हिजाब नियमों के उल्लंघन को लेकर प्रशासन का सख्त रवैया जारी है। ताजा मामला देश के दक्षिण-पश्चिमी किश द्वीप (Kish Island) का है, जहां एक मैराथन के दौरान कई महिलाओं के बिना हिजाब दौड़ने पर विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना के बाद ईरानी न्यायपालिका ने कार्रवाई करते हुए कार्यक्रम के दो आयोजकों को गिरफ्तार कर लिया है।

न्यायपालिका से जुड़ी ‘मिजान’ (Mizan) समाचार एजेंसी ने स्थानीय प्रॉसिक्यूटर कार्यालय के हवाले से बताया कि देश के मौजूदा कानूनों और धार्मिक सिद्धांतों का पालन करने की चेतावनी के बावजूद, कार्यक्रम का आयोजन ऐसे तरीके से किया गया जिससे पब्लिक डीसेंसी भंग हुई है।

आयोजकों पर आपराधिक मामला दर्ज

रिपोर्ट के मुताबिक, नियमों की अनदेखी और हुए उल्लंघन को देखते हुए, इस आयोजन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंटों के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। मिजान ने स्पष्ट किया कि वारंट जारी होने के बाद प्रतियोगिता के दो मुख्य आयोजकों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में से एक किश मुक्त क्षेत्र (Kish Free Zone) का अधिकारी है, जबकि दूसरा उस निजी कंपनी के लिए काम करता है जिसने इस दौड़ का आयोजन किया था। हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उन्हें जेल भेजा गया है या नहीं, लेकिन उनके लिए ‘न्यायिक निगरानी’ के आदेश दिए गए हैं।

5,000 प्रतिभागियों ने लिया था हिस्सा

यह मैराथन 5 दिसंबर को आयोजित की गई थी, जिसमें पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग दौड़ रखी गई थी। इस आयोजन में लगभग 5,000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि कितनी महिलाओं ने हिजाब कानूनों का उल्लंघन किया था, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो ने प्रशासन का ध्यान खींचा।

किश द्वीप फारस की खाड़ी में स्थित एक मुक्त-व्यापार क्षेत्र (Free-trade zone) है। आमतौर पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यहाँ के शॉपिंग क्षेत्रों और समुद्र तटों पर सिर ढंकने वाले कानूनों को देश के अन्य हिस्सों की तुलना में थोड़ा कम सख्ती से लागू किया जाता है। लेकिन इस बार प्रशासन ने कोई ढील नहीं दी।

महसा अमीनी की मौत के बाद बदला माहौल

ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ही महिलाओं के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य है। इसका उल्लंघन करने पर लंबी जेल की सजा, जुर्माना और यात्रा प्रतिबंध जैसे दंड का प्रावधान है। इन कानूनों को लागू करने की जिम्मेदारी अक्सर देश की ‘मोरैलिटी पुलिस’ (Morality Police) की होती है।

हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में, विशेष रूप से बड़े शहरों में, महिलाओं और लड़कियों की बड़ी संख्या ने सार्वजनिक रूप से सिर ढंकना बंद कर दिया है। यह बदलाव 2022 में महसा अमीनी (Mahsa Amini) की पुलिस हिरासत में मौत के बाद तेजी से आया। महसा को हिजाब कानून के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिसकी मौत के बाद देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुए थे।

कट्टरपंथी सांसदों ने इसके जवाब में ‘हिजाब और शुद्धता कानून’ (Hijab and Chastity Law) को और सख्त करने की कोशिश की है। हालांकि, अशांति भड़कने की आशंका के चलते ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कानून के सबसे कठोर प्रावधानों को फिलहाल स्थगित रखा है।

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