नेपाल में लैंडस्लाइड से गई 17 लोगों की जान, 10 लापता

नेपाल के अछाम जिले के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) से अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि हादसे में 10 लोगों के लापता होने की खबर सामने आई है।

नई दिल्ली डेस्क रिपोर्ट | नेपाल के अछाम जिले के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि हादसे में 10 लोगों के लापता होने की खबर सामने आई है। जिनका राहत एवं बचाव टीम रेस्क्यू करने में जुटे हैं। दरअसल इस घटना के बाद से लोगों का जन जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। जिस जगह लैंडस्लाइड हुआ है वहां घंटों से आवागमन बाधित है।

यह भी पढ़ें – कच्छ के फेमस Rann Utsav में शामिल होने का सुनहरा मौका, IRCTC के टूर की पूरी डिटेल यहां देखिये

बता दें कि नेपाल में हुए लैंडस्लाइड के बाद उप मुख्य जिला अधिकारी दीपेश रिजाल ने बताया कि, भूस्खलन के कारण पश्चिमी नेपाल के कुछ हिस्सों में काफी नुकसान हुआ है। जिसमें 17 लोगों की जान गई है। 10 लापता है, जबकि राहत बचाव की टीम ने अभी तक 10 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है। लैंडस्लाइड के बाद इलाके में दहशत मचा हुआ है। साथ ही आवागमन पूरी तरह से बाधित हो चुका है। बिजली और पानी की समस्या भी उत्पन्न हो चुकी है। मामले में गृह मंत्री बालकृष्ण खंड ने खोज और बचाव कार्यों के लिए हेलीकॉप्टर तैनात कर दिए हैं। बता दें कि इस वक्त नेपाल में लगातार भारी बारिश हो रही है। जिससे नदी नाले उफान पर है। जिसके कारण नदी अपनी जलस्तर सीमाओं को लांघती हुई नजर आ रही है। जिससे आने वाले कुछ घंटों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जिसके लिए लोगों को पहले से ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें – उज्जैन: आगजनी में महिलाओं की हुई मौत के बाद परिजनों ने किया चक्काजाम, रखी ये मांग

वहीं भारी बारिश के कारण नेपाल के एक गांव के एक घर में चट्टान गिर गया। जिसमें दबने से  तीन लोगों की मौत हो गई। जिसके बाद मौके पर पहुंची राहत और बचाव की टीम ने मलबे में फंसी एक महिला को बाहर निकाला। जिनकी सांसे चल रही थी। जिन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लेकिन घटना के बाद उनका मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। साथ ही उनके परिवार में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इतना ही नहीं इस घटना में 7 जानवरों की भी मौत हो गई है।

यह भी पढ़ें – कच्छ के फेमस Rann Utsav में शामिल होने का सुनहरा मौका, IRCTC के टूर की पूरी डिटेल यहां देखिये

जैसा कि हम सभी जानते हैं, पृथ्वी पर प्राकृतिक आपदाएं जब अपना रौद्र रूप दिखाती है तो उस पर हमारा कोई जोर नहीं होता। हम उसे कुछ हद तक इसे कंट्रोल कर सकते हैं। जैसे वहां मौजूद लोगों को बचाने का कार्य कर सकते हैं। लेकिन सच तो यह है कि जब प्राकृतिक आपदाएं आती है तब अपने साथ विनाश ही लेकर आती है। चाहे वह सुनामी हो, चाहे वह बाढ़ हो, चाहे वह ज्वालामुखी हो या फिर भूस्खलन हो।

यह भी पढ़ें – मध्यप्रदेश : कांग्रेस की अहम बैठक में प्रस्ताव पास, राष्ट्रीय अध्यक्ष और PCC चीफ का फैसला सोनिया गांधी पर छोड़ा