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Sun, Dec 7, 2025

19 घोड़ों की मौत के बाद फार्म हाउस से 14 और घोड़े गायब, कलेक्टर ने दिए FIR के आदेश

Reported by:Sandeep Kumar|Edited by:Banshika Sharma
जबलपुर के एक फार्म हाउस में 19 घोड़ों की रहस्यमयी मौत के बाद अब 14 घोड़े गायब हो गए हैं। यह मामला पहले से ही हाईकोर्ट की निगरानी में है। अब कलेक्टर ने फार्म हाउस संचालक पर FIR दर्ज करने और मामले की सघन जांच के आदेश दिए हैं।
19 घोड़ों की मौत के बाद फार्म हाउस से 14 और घोड़े गायब, कलेक्टर ने दिए FIR के आदेश

जबलपुर: शहर के एक फार्म हाउस में घोड़ों की रहस्यमयी मौतों का मामला और गहरा गया है। यहां पहले ही 19 घोड़ों की मौत हो चुकी है, और अब 14 और घोड़ों के गायब होने की खबर ने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। इस सनसनीखेज घटनाक्रम के बाद, जबलपुर कलेक्टर ने फार्म हाउस संचालक के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

यह पूरा मामला पनागर के रैपुरा स्थित एक फार्म हाउस से जुड़ा है, जिसके संचालक सचिन तिवारी है। छह महीने पहले तिवारी बिना किसी अनुमति के हैदराबाद रेसकोर्स से 57 घोड़े जबलपुर लाए थे। इन घोड़ों को इसी फार्म हाउस में चोरी-छिपे रखा गया था।

अज्ञात बीमारी से शुरू हुई मौतों की श्रृंखला

फार्म हाउस में रखे जाने के कुछ समय बाद ही घोड़ों की एक अज्ञात बीमारी से मौत होने लगी। जब यह मामला सामने आया, तो प्रशासन ने इसका संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। लेकिन जांच के दौरान भी घोड़ों की मौत सिलसिला नहीं थमा और एक-एक कर 19 घोड़ों ने दम तोड़ दिया।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लिया है। मामला पहले से ही उच्च न्यायालय की निगरानी में है।

अब 14 घोड़े लापता, प्रशासन सख्त

जब प्रशासन ने फार्म हाउस में बचे हुए घोड़ों की गिनती की, तो एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। फार्म हाउस में अब केवल 23 घोड़े ही मौजूद हैं, जबकि 14 घोड़े लापता बताए जा रहे हैं। घोड़ों के गायब होने की खबर से प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई है।

इस नए घटनाक्रम के बाद जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, “फार्म हाउस से घोड़ों के गायब होने की गहन जांच की जाएगी। फार्म हाउस संचालक सचिन तिवारी के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।”

कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया है कि तिवारी से सख्ती से पूछताछ की जाएगी ताकि गायब हुए घोड़ों का पता लगाया जा सके और इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। प्रशासन अब यह जानने की कोशिश कर रहा है कि घोड़े कहां गए – क्या उन्हें बेच दिया गया, कहीं और छिपा दिया गया, या उनके साथ भी कोई अनहोनी हुई है।