विधानसभा में उठाई विधायक राम ने आदिवासियों की आवाज

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खंडवा। सुशील विधानि।

मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग में भील समाज की उपेक्षा के खिलाफ विधानसभा में पंधाना विधायक राम दांगोरे ने आवाज उठाई। लेकिन कांग्रेस के आदिवासी विधायक भी सहयोग नही कर पाए चुपचाप बैठे रहे। आदिवासियों की आवाज को कैसे कांग्रेस राज में दबाया जा रहा है।विधानसभा में एक आदिवासी विधायक को दबाने के लिए कांग्रेस के 5-5 मंत्री लग गए। अपने आपको आदिवासियों का हितैषी बताने वाले कांग्रेस के आदिवासी नेता भी मूकबधिर होकर देख रहे थे। पंधाना विधायक राम दांगोरे ने बताया कांग्रेस मुख्यमंत्री ने अधिकारियों पर कार्यवाही नही की तो पूरे राज्य में आदिवासी समुदाय सरकार का विरोध करेगा। विधायक राम ने कहा कि आज देश की सबसे पुरानी और सबसे प्राचीन और गौरवशाली जिसका इतिहास रहा है ऐसी थी भील जाति जिसने टंट्या भील जैसा वीर सपूत दिया इस माटी को आज उसी की भील जाति पर मध्य प्रदेश की पीएससी परीक्षा में आदिवासियों को शराब में डूबा हुआ बताया गया अनैतिक काम में बताया गया यहां तक कि अपराधी प्रवृत्ति का भील समाज को बताया गया विधायक ने जब प्रश्न उठाया तो कांग्रेसी आदिवासी नेता इस आवाज को दबाने लगे वही कहने लगे कि सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं लेकिन विधायक अपनी बात पर अड़े रहे राम और उनके समर्थन में रामेश्वर शर्मा यशपाल सिंह सिसोदिया मंदसौर गोपाल भार्गव नेता प्रतिपक्ष खंडवा विधायक देवेंद्र वर्मा ने आदिवासियों की आवाज को बुलंद करने की बात कही और उन दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की

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