कितनी टिकेगी आपकी शादी, इन तीन संकेतों से आसानी से समझ लें

इन तीन इशारों को समझें। और कोशिश करें कि आपके पार्टनर और आपके बीच वो बातें खत्म हो सकें। ताकि रिश्ता टिका रहे।

जीवनशैली,डेस्क रिपोर्ट। आपकी रिलेशनशिप (relationship) या शादी (marriage) कितना लंबा टिकेगी या कितने दिन चलेगी। इसे नापने के लिए कोई कैलकुलेटर तो नहीं बना लेकिन आप चाहें तो कुछ आंकलन तो कर ही सकते हैं। रिश्ता लंबा चले तो अच्छा है लेकिन रिश्ता अब बोझ बन चुका है या ज्यादा दिन नहीं चल सकता इसका अंदाजा कैसे होगा। आपसी रिश्ते में कुछ ऐसी बाते होती हैं जो इस तरफ इशारा करती हैं कि आपके रिलेशन के दिन अब ज्यादा नहीं बचे हैं। इन तीन इशारों को समझें। और कोशिश करें कि आपके पार्टनर और आपके बीच वो बातें खत्म हो सकें। ताकि रिश्ता टिका रहे।

पार्टनर को लेकर निगेटिव थॉट्स
आपसी रिश्ते में एक दूसरे को एडमायर करना जरूरी है। एक दूसरे की तारीफ करना एक दूसरे की अच्छाइयों का जिक्र करते रहना जरूरी है। पर, तब क्या होगा जब आपको अपने पार्टनर में सिर्फ खामियां ही खामियां दिखें। शादी के शुरूआती सालों में एडजस्ट करने में दिक्कत आती है। ऐसे समय में अच्छा ये है कि एक दूसरे के निगेटिव पहलू को सोचना छोड़ कर अच्छी बातें सोचें। ताकि रिश्ते में सकारात्मकता बनी रहे।

शादी से निराशा
शादी करने का या व्यक्ति विशेष से शादी करने पर ही अफसोस होने लग जाए तो ये रिश्ता टूटने या रिश्ते में ज्यादा दूरियां होने की निशानी है। अगर आप अपनी शादी के गुजरे वक्त की कोई अच्छी बातें याद नहीं रख सकते तो समझ लीजिए कि नई यादें क्रिएट करना बहुत जरूरी हो चुका है। अपने पार्टनर से इस बारे में बात करें। एकदूसरे के साथ थोड़ा वक्त बिताएं। रिश्ता टूटने की एक कोशिश ये हो सकती है कि उसमें ताजगी लाने की कोशिश करें न कि बुरे वक्त के बासेपन को समेटे रहें।

फ्लडिंग होना
ये रिश्तों से जुड़ा ऐसा टर्म है जिसे आप यूं समझ सकते हैं कि आप खुद से जूझ रहे हैं। न सिर्फ शारीरिक स्तर पर बल्कि मानसिक स्तर पर भी। सिर्फ चिड़चिड़ापन होना, खींझना ये सब फ्लडिंग की ही निशानी है। ये वो स्टेज हैं जहां रिश्ता बचाना बहुत मुश्किल हो सकता है। एक दूसरे के साथ होकर खुशी नहीं होती बल्कि दम सा घुटता हुआ लगे तो समझिए आप उस स्टेज में पहुंच चुके हैं। ये लेवल आने से पहले ही एक दूसरे से बैठकर बात करना जरूरी हो जाता है।

हर रिश्ते को बचाने की एक आखिरी कोशिश जरूर होना चाहिए। और ये कोशिश उन्हीं दो लोगों को करनी होती है जिनके बीच रिश्ता कायम है। एक दूसरे से बात करें। एक दूसरे को सुने, समझें और बीच का रास्ता निकालें। क्या पता ये तीन संकेत धीरे धीरे खत्म हो जाएं और एक नया रिश्ता बन जाए जो पहले से ज्यादा टिकाऊ हो।

*Disclaimer :- यहाँ दी गई जानकारी अलग अलग जगह से जुटाई गई एक सामान्य जानकारी है। MPBreakingnews इसकी पुष्टि नहीं करता है।