इन 4 आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से दूर होगी ड्राइ स्किन की समस्या, चेहरे पर आएगा ग्लो, सॉफ्ट बनेगी त्वचा

Ayurvedic Tips For Dry Skin: गर्मियों का मौसम आ रहा है। बदलते मौसम का गहरा असर त्वचा पर पड़ता है। इन दिनों ड्राइ स्किन वाले लोगों की समस्या भी बढ़ जाती है। खुजली और खिंचाव की समस्या हमेशा देखने को मिलती है। जिससे छुटकारा पाने के लिए लोग मार्केट से मिलने वाले कई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। कभी-कभी इनसे भी कोई फायदा नहीं होता। यदि आप भी ड्राइ स्किन की समस्या से परेशान तो कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ आपके काम आ सकती हैं।

नीम दिखाएगा कमाल

नीम का इस्तेमाल बाल और चेहरे दोनों के लिए लाभकारी माना जाता है। सदियों ने इसका इस्तेमाल सौन्दर्य के लिए किया जा रहा है। यह ड्राइ स्किन की समस्या भी दूर करता है। इसके लिए नीम के पत्तों का पेस्ट बना लें और इसे कुछ समय तक चेहरे पर लगा लें। आज मार्केट में नीम की गोलियां भी उपलब्ध है, जिसका इस्तेमाल आप कर सकते हैं।

एलोवेरा का जादू

स्किन के लिए एलोवेरा किसी वरदान से कम नहीं होता है। मुहाँसों, दाग-धब्बों के अलावा यह त्वचा को मॉइस्चराइज़ भी करता है। इस जड़ी-बूटी का इस्तेमाल ड्राइ स्किन की परेशानी दूर करता है। जिससे त्वचा हमेशा जवाँ दिखती है।

अश्वगंधा का उपयोग 

अश्वगंधा का भी आयुर्वेद में बेहद खास महत्व होता है। यह सिर्फ चेहरे के लिए ही नहीं रक्त चाप, तनाव और अन्य कई समस्याओं के लिए भी लाभकारी होता है। इसमें त्वचा में सुधार करने वाले गुण होते हैं, जो स्किन को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। आप अश्वगंधा के पोएडेर को गुलाब जल के साथ मिलाकर लगा सकते हैं।

ब्राह्मी भी आएगा काम

ब्राह्मी त्वचा को बाहरी तत्वों से बचाता है। इससे प्रदूषण और हानिकरण धूप से कारण स्किन डैमेज नहीं होता है। साथ ही ड्राइ स्किन की समस्या भी दूर करता है। इसके लिए ब्राह्मी पाउडर या तेल तेल को प्रभावित क्षेत्रों में लगाएं।

(Disclaimer: इस लेख का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता। विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।)


About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

Other Latest News