सिंघाड़े के आटे में छुपा है सेहत का खजाना, जरूर करें डाइट में शामिल, मिलेंगे 4 जबरदस्त फायदे

Manisha Kumari Pandey
Published on -
chestnut flour

Chestnut Flour Benefits: व्रत के दौरान सिंघाड़े के आटे का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे डाइट में शामिल करने से कई फायदे होते हैं। सिंघाड़े के आटे में फाइबर की मात्रा काफी ज्यादा होती है। साथ ही विटामिन B6, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, पोटेशियम, मैंगनीज, प्रोटीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं। यह बुलेटिन फ्री होता है।

त्वचा और बालों के लिए लाभकारी

सिंघाड़े के आटे से बनी रोटी या अन्य व्यंजन का सेवन करने से त्वचा और बालों को फायदा होता है। यह शरीर को प्राकृतिक तरीके से डिटॉक्स करता है। स्ट्रांग बालों को बनाने और त्वचा पर निखार लाने में सहायता करता है।

मधुमेह और बीपी मरीजों के लिए वरदान

डायबिटीज मरीजों के लिए यह किसी वरदान से काम नहीं है। सिंघाड़े के आटे से बनी रोटी का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल संतुलित रहता है। इसके अलावा हाई बीपी की समस्या से राहत दिलाने में भी मदद करता है।

हड्डियों को बनाता है मजबूत

सिंघाड़े के आटे को हड्डियों के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है। इसमें प्रोटीन, मिनरल्स, आयरन, कैल्शियम की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जिसके कारण हड्डियों से जुड़ी समस्याएं का खतरा कम होता है और शरीर मजबूत बनता है।

नींद की समस्या होगी खत्म

सिंघाड़े के आटे में विटामिन B6 की मात्रा काफी ज्यादा होती है। जो मूड स्विंग्स को काम करता है। साथ ही नींद की समस्याओं को से राहत दिलाने में मदद करता है।
(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता। विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें। )

About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

Other Latest News