Dattatreya Jayanti 2022 : दत्तात्रेय जयंती पर इस विधि से करें पूजन, जीवन में आएगी खुशहाली

Dattatreya Jayanti 2022 : आज श्री दत्तात्रेय जयंती है। ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों का संयुक्त अवतार कहे जाने वाले भगवान दत्तात्रेय का जन्मदिन हर साल मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस बार आज पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा, जो बेहद शुभ माना जाता है। दत्तात्रेय जयंती इस बार सिद्ध योग में मनाई जा रही है। भगवान दत्तात्रेय के 24 गुरू माने गए हैं, मान्यता है कि इनकी पूजा से ईश्वर को प्राप्त किया जा सकता है।

महर्षि अत्रि और माता अनुसूया के पुत्र भगवान दत्तात्रेय तीन मुखधारी हैं। इन्हें भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों का अंश माना जाता है। वह आजन्म ब्रह्मचारी और अवधूत रहे इसलिए सर्वव्यापी कहलाए। सनातन धर्म में भगवान दत्तात्रेय को गुरु के साथ साथ ईश्वर का भी प्रतीक माना गया है। इसीलिए कहा जाता है कि इनकी पूजा से ईश्वर और गुरू दोनों को प्रसन्न किया जा सकता है। इनके साथ हमेशा गाय और श्वान रहता है, इसलिए साथ में इन दोनों पशुओं की भी पूजा की जाती है। मान्यता है कि भगवान दत्तात्रेय का पूजन करने से सुख समृद्धि मिलती है, सारे पाप रोग दोष बाधाओं का नाश होता है और और कर्म बंधन से भी मुक्ति मिलती है।

आज पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व है। अपने घर के मंदिर में सफेद आसन पर भगवान दत्तात्रेय का चित्र स्थापित करें और गंगाजल से अभिषेक करें। धूप और दीपक जलाएं, फूल अर्पित करें और मिठाई फलों का भोग लगाएं।भगवान दत्तात्रेय का पंचोपचार व षोडशोपचार पूजन करना चाहिए। साथ ही अवधूत गीता या जीवनमुक्त गीता का पाठ करें। इस तरह विधिनुसार पूजा करने से भगवान दत्तात्रेय का आशीर्वाद मिलता है। आज के दिन सीएम शिवराज सिंह चौहा ने भी शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि ‘जटाधरं पाण्डुराङ्गं शूलहस्तं कृपानिधिम्।सर्वरोगहरं देवं दत्तात्रेयमहं भजे॥शैव, वैष्णव व शाक्त तीनों संप्रदायों को एकजुट करने वाले भगवान दत्तात्रेय जी की जयंती पर कोटि-कोटि प्रणाम करता हूँ।भगवान दत्तात्रेय जी की कृपा से सभी समृद्ध व शांतिमय जीवन जिएं। सबकी मनोकामनाएं पूरी हों।’