दीपावली के दिन मिठाई नहीं खा पाते हैं तो न हों परेशान, इन चार लो कैलोरी की मिठाईयों का करें सेवन

Shashank Baranwal
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Low-Calorie Sweets In Diwali

Low-Calorie Sweets In Diwali: दीपावली का त्योहार आने वाला है। इसके लिए घरों में तैयारी शुरू हो चुकी है। दीपावली के दिन लोग अपने घरों को रंग बिरंगी लाइटों से सजाते हैं। इस दिन लोग एक दूसरे को मिठाई खिलाते हैं। हालांकि कुछ लोग ऐसे होते हैं जो मिठाई खाने से परहेज करते हैं। वो वजन बढ़ने के डर से मन भर के मिठाईयां नहीं खा पाते हैं। क्योंकि मिठाई में कैलोरी की मात्रा ज्यादा पाई जाती है जो कि वजन को बढ़ाने में मदद करती है। वजन बढ़ने से कई गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। जिसके कारण कुछ लोग चाहकर भी मिठाइयां खाने से परहेज करते हैं। ऐसे में कुछ मिठाईयां होती है जिनमें लो कैलोरी होती है। जिनको बिना किसी डर के खाया जा सकता है और दीपावली के दिन अपना मुंह मीठा कर सकते हैं।

नारियल की बर्फी

दीपावली के दिन नारियल की बर्फी को लोग खाकर मुंह मीठा कर सकते हैं। इसे घरों में आसानी से बनाया भी जा सकता है। नारियल की बर्फी में गुड़, खजूर और मेवा मिलाकर कैलोरी लो किया जा सकते है। जिसको खाने से कैलोरी बढ़ने की समस्या नहीं होती है।

लौकी की बर्फी

दीपावली के दिन मिठाई न खाने वाले लोग हैरान न हो। इस दिन मुंह मीठा करने के लिए लौकी की बर्फी का इस्तेमाल कर सकते हैं। क्योंकि इसमें लो कैलोरी पाई जाती है। लौकी की बर्फी बनाते समय शुगर फ्री भी मिला सकते हैं। जिससे शुगर की समस्या से परेशान लोग भी खा सकते हैं।

छेने की मिठाई

दीपावली के दिन आप पनीर से बनी छेने की मिठाई खा सकते हैं। इसमें चीनी का कम प्रयोग कर बना सकते हैं। क्योंकि इसमें लो कैलोरी होती है।

बेसन युक्त सूखे मेवे के लड्डू

दीपावली के दिन अपनी सेहत के डर से मिठाई नहीं खा पाते हैं तो परेशान न हो। इस दिन आप बेसन युक्त सूखे मेवे से बने लड्डू खा सकते हैं। क्योंकि इससे बने लड्डू में लो कैलोरी होती है। साथ ही इस लड्डू का सेवन शुगर की समस्या से ग्रसित लोग भी कर सकते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता है। अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें।)


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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है– खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो मैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।

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