Hindi News

गले लगने से बढ़ता है रोग प्रतिरोधक क्षमता , मिलता है तनाव से राहत

Published:
Last Updated:
गले लगने से बढ़ता है रोग प्रतिरोधक क्षमता , मिलता है तनाव से राहत

नई दिल्ली , डेस्क रिपोर्ट। फिलहाल, भारत में वेलेंटाइन वीक चल रहा है और आज यानी 12 फरवरी को हग डे (Hug day ) मनाया जा रहा है । इस दिन लोग अपने प्रियजनों को गले लगा कर प्यार जताते हैं । आज की हमारी यह खबर आपको हग यानी गले लगना के फायदे के बारे में जानकारी देगा। शोधकर्ताओं के मुताबिक गले लगाने से एक इंसान को काफी ज्यादा खुशी मिलती है और उसका अकेलापन और तनाव भी कम होता है। गले लगाने से मूड भी बदल जाता है। डोपामाइन एक प्रकार का हार्मोन है जिसकी वजह से एक इंसान अच्छा अच्छा महसूस करता है। केवल 10 सेकंड के गले लगाने से इंसान में डोपामाइन , सेरोटोनिन, ऑक्सीटॉसिन, जैसे हारमोंस बढ़ते हैं और मनुष्य में तनाव और अकेलापन को भी कम करने का काम करता है।

यह भी पढ़े … IPL Auction में बहन सुहाना खान के साथ दिखे आर्यन खान , पिछले साल थे काफी चर्चे में

सिर्फ बड़ों में ही नहीं बच्चों को भी गले लगाने से बहुत ज्यादा फायदे होते हैं । एक नवजात बच्चे को गले लगाने से बच्चे का वजन बढ़ता है और उसके विकास में भी बहुत लाभकारी साबित हो सकता है। बता दे कि , गले लगने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। दरअसल , गले लगने से उरोस्थि और भावनात्मक आवेश पर हल्का दबाव थाइमस ग्रंथि को उत्तेजित करता है, जो शरीर के सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को नियंत्रित और संतुलित करता है, जो एक व्यक्ति को स्वस्थ और रोग मुक्त रखता है। गले लगाने से आत्म-सम्मान बढ़ता है। आलिंगन ( गले लगने ) के दौरान शारीरिक संपर्क न केवल हमें सुरक्षित और प्रिय बनाता है बल्कि आत्म-सम्मान को भी बढ़ाता है। गले लगने से आत्मा सम्मान में भी वृध्दि होती है । इसके आलावा गले लगने से रक्त संचार बढ़ाकर दर्द और दर्द को दूर किया जा सकता है , रक्तचाप कम होता है, और हृदय का स्वास्थ भी अच्छा होता है । नींद , तनाव , विकास और मूड में भी गले लगना ( hug) मददगार होता है ।

 

 

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews