Human Brain Facts : जानिये मानव मस्तिष्क के बारे में रोचक और आश्चर्यजनक तथ्य

दिमाग से जला सकते हैं LED बल्ब

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। हमारे शरीर में मस्तिष्क या दिमाग (Brain) सबसे महत्वपूर्ण अंग है। लेकिन ये भी कहा जाता है कि संसार में ये ही सबसे जटिल और रहस्यमयी चीज है। मानव मस्तिष्क पर सालों से ढेरों शोध हुए हैं और अब भी जारी है। इसी दौरान हमारे दिमाग को लेकर कई रोचक तथ्य पता चले हैं। आईये आज ऐसे ही कुछ तथ्यों पर नजर डालते हैं-

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  • दिमाग की बत्ती जलना..ये कहावत तो आप सबने सुनी होगी। लेकिन वाकई में हमारा दिमाग एक छोटा सा एलईडी बल्ब जलाने में सक्षम है क्योंकि दिमाग से करीब 12 से 25 वाट की बिजली उत्पादित की जा सकती है। मानव मस्तिष्क का वजन लगभग 3 पाउंड होता है।
  • का वजन शरीर के कुल वजन का लगभग 2% होता है। लेकिन ये कुल ऊर्जा और ऑक्सीजन का 20% खपत कर लेता है।
  • मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग सेरिब्रम (cerebrum) है। अन्य महत्वपूर्ण भागों में कॉर्पस कॉलोसम, सेरेब्रल कॉर्टेक्स, थैलेमस, सेरिबैलम, हाइपोथैलेमस, हिप्पोकैम्पस और ब्रेन स्टेम शामिल हैं।
  • मनुष्य का दिमाग एक दिन में औसतन 60000 विचार पैदा करता है। इतना ही नहीं, दिमाग में लगभग 100 बिलियन न्यूरॉन्स होते हैं। इनकी संख्या उतनी है जितने मिल्की वे गैलेक्सी में सितारे होते हैं।
  • कई बार हमें पूर्वाभास होता है। दरअसल हमारे दिमाग में “मिडब्रेन डोपामाइन सिस्टम” (एमडीएस) होता है, जो घटने वाली घटनाओं के बारे में मस्तिष्क को संकेत भेजता है। जिसके दिमाग में ये सिस्टम अधिक एक्टिव और विकसित रहता है, वो उतनी सही भविष्यवाणी कर सकता है।
  • नींद हमारे लिए बहुत जरुरी है। सोते हुए दिमाग हमारी यादों को स्थिर करता है।
  • भले ही आपको लगे कि आप दिल वाले हैं..लेकिन असल में सारा काम दिमाग के रसायन ही करते हैं। इंसानी मस्तिष्क केमिकल प्रतिक्रिया के मुताबिक काम करता है। आप आश्चर्य में पड़ जाएं कि हमारे दिमाग में प्रति क्षण एक लाख से अधिक रासायनिक प्रतिक्रियाएं होती हैं।
  • मस्तिष्क की सूचना 286 मील प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है। आपको बता दें ये कि ये यह फॉर्मूला 2 रेस कारों की तुलना में तेज़ है।
  • मस्तिष्क को किसी तरह का दर्द महसूस नहीं होता। हालांकि कई बार हमें लगता है कि दिमा में हथौड़े चल रहे हैं लेकिन रिसर्च में पता चला है कि मष्तिष्क का कोई दर्द महसूस कराने का सिस्टम नहीं है। चोट लगने या शरीर में कुछ परशानी होने पर दर्द के रूप में मष्तिष्क हमे चेतावनी जरुर देता है। दरअसल मस्तिष्क के चारों और कोशिकाओं के माध्यम से हमे मस्तिष्क के दर्द का अनुभव होता है।
  • अगर कभी हमें कोई नजरअंदाज करें या रिजेक्ट कर दे तो हमारे मस्तिष्क को उसी तरह का आभास होता है जैसे शरीर को चोट लगने पर महसूस होता है।
  • मनुष्य का अवचेतन मन उसके चेतन मन से 30,000 गुना अधिक शक्तिशाली होता है। हम अपने 90% निर्णय अवचेतन मन (subconscious mind) द्वारा लेते हैं।
  • इंसानी मस्तिष्क का 73% हिस्सा जल से निर्मित है है। अगर हमारे शरीर में 2% भी पानी की कमी (dehydration) होता है तो हमारा ध्यान, स्मृति और अन्य संज्ञानात्मक कौशल (cognitive skills) प्रभावित होता है।