Multani Mitti For Summer: गर्मियों में ट्राइ करें मुल्तानी मिट्टी के ये 3 फेसपैक, चेहरे पर आएगा निखार, कई समस्याओं से मिलेगी राहत

Multani Mitti For Summer: मुल्तानी मिट्टी चेहरे के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह त्वचा से एक्स्ट्रा ऑयल को खत्म करता है। साथ ही पिंपल्स, दाग-धब्बे और अन्य कई समस्याओं को भी दूर करता है। इसका इस्तेमाल करने से चेहरे की रंगत में भी सुधार आता है और डेड स्किन सेल्स रिमूव होते हैं। गर्मियों में लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। सनबर्न्स और टैनिंग जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। आप घर पर अलग-अलग तरीके से इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। घर पर मुल्तानी मिट्टी से अलग-अलग प्रकार के फेस पैक बना सकते हैं।

ग्लोइंग चेहरे के लिए

मुल्तानी मिट्टी और टमाटर के जूस से बना फेसपैक चेहरे को ग्लोइंग बनाता है। साथ ही दाग धब्बों को दूर करने में मदद करता है। एक चम्मच टमाटर का जूस, एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी, आधा चम्मच चंदन पाउडर और आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें। इसे चेहरे पर 10 मिनट के लिए लगाकर छोड़ दे। अब गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। सप्ताह में ऐसा दो-तीन बार करने से बहुत फायदे होते हैं।

स्किन टोन में सुधार के लिए

स्किन टोन को सुधारने के लिए और ट्रेनिंग जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए आप योगर्ट, अंडा और मुल्तानी मिट्टी से बना फेस पर यूज कर सकते है। इसके लिए आपको इसके लिए मुल्तानी मिट्टी, योगर्ट और अंडे को अच्छे से मिलाकर फेस पैक तैयार करें और इसे 20 मिनट तक अपने चेहरे पर लगाकर छोड़ दें। उसके बाद पानी से अपना चेहरा धो लें।

PH लेवल को बैलेंस करने के लिए

गुलाब जल और मुल्तानी मिट्टी से बना फेस पैक के पीएच लेवल को बैलेंस करने में मदद करता है। यह त्वचा को ठंडक देता है और एक्स्ट्रा ऑयल को रिमूव करता है। मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल से स्मूद पेस्ट बना लें और इसे इसे चेहरे और गर्दन पर लगाएं। सूखने के बाद फेस धो लें।
(Disclaimer: इस लेख का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता। विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।)

About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

Other Latest News