क्या आपको ऐसा नहीं लगता है कि सोशल मीडिया आपकी ज़िंदगी का क़ीमती समय खा रहा है? ख़ासकर इंस्टाग्राम पर घंटो स्क्रॉल करना आम बात हो गई है, हम दो मिनट के लिए इंस्टाग्राम चेक करने के लिए फ़ोन उठाते हैं और घंटों घंटों तक इंस्टाग्राम को स्क्रॉल करते रहते हैं, हमें पता ही नहीं चलता है कि हमारा समय कहाँ निकल जाता है। यह बात सिर्फ़ इंस्टाग्राम के लिए नहीं है बल्कि तमाम सोशल मीडिया जैसे यूट्यूब, फ़ेसबुक, स्नैपचैट, ट्विटर आदि।
प्रेमानंद जी महाराज का कहना है कि जो भी व्यक्ति, अपने समय का सही उपयोग नहीं करता है, या फिर व्यर्थ के कामों में अपनी ऊर्जा को ख़त्म कर रहा है, तो इसे संभालने की ज़रूरत है। प्रेमानंद जी महाराज अपनी सहज और सरल भाषा में लोगों को सही मार्ग दिखाने का काम करते हैं। उनके प्रवचन सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल होते हैं, और लोग उनसे बहुत कुछ सीखते हैं।

प्रेमानंद जी महाराज ने बताई समय की कीमत?
हाल ही में प्रेमानंद जी महाराज का एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने उन लोगों को एक ज़रूरी संदेश दिया है जो अपना क़ीमती समय बेकार की चीज़ों में ख़राब कर रहे हैं। अगर आपको भी बिना सोचे समझे सोशल मीडिया पर घंटों बिता रहे हैं, तो आपको प्रेमानंद जी की बात सुननी चाहिए, वरना बाद में पछतावा हाथ में रह जाएगा।
प्रेमानंद जी महाराज क्यों मानते हैं समय को सबसे ज्यादा मूलयवान?
प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं, समय से मूल्यवान इस दुनिया में कुछ भी नहीं है, और जो लोग अपना समय बर्बाद करते हैं वे लोग सबसे बड़े मूर्ख होते हैं। वे कहते हैं कि आप कमाए गए पैसों से सब कुछ ख़रीद सकते हैं लेकिन अपना समय नहीं ख़रीद सकते। प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि जितना समय आप सोशल मीडिया पर इधर उधर की बातों में लगाते हैं, अगर उससे कम समय भी आप भगवान की भक्ति में लगाएंगे, या फिर अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए काम करेंगे, तो आपको जीवन में कभी भी पछतावा महसूस नहीं होगा।
मूल्यवान समय को व्यर्थ करने से क्या होगा?
प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं, की अगर अपने मूल्यवान समय को व्यर्थ की बातों में लगाया, व्यर्थ के कामों में लगाया, यह कितनी अफ़सोस की बात है, लोग इस बात का चिंतन करते रहते हैं कि उन्होंने अपना समय व्यर्थ के कामों में लगा दिया, पहले ही समय बर्बाद किया अब जो समय बर्बाद किया है उसके बारे में सोचकर और समय बर्बाद कर रहे हो। वे कहते हैं की सोचने और व्यर्थ का चिंतन करने से ज़रूरी है कि अपने लक्ष्यों के प्रति जो भी काम हैं वे काम करो, भगवान की भक्ति करो, और अगर ज़्यादा समय समय नहीं कट रहा है तो भगवान से जुड़े प्रवचनों को सुनो।