ढोंगी बाबाओं से बचें! न टोटका, न झाड़-फूंक, प्रेमानंद जी महाराज ने बताया बुरी नजर से बचने का असली तरीका

Premanand Ji Maharaj: बुरी नजर एक नकारात्मक ऊर्जा होती है, जो व्यक्ति के सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है। कई लोग इससे बचने के लिए तरह-तरह के उपाय अपनाते हैं, लेकिन प्रेमानंद जी महाराज ने इसका असली और प्रभावी तरीका बताया है।

Premanand Ji Maharaj: लोगों की ज़िंदगी में तरह तरह की परेशानियां रहती है। कई बार लोग अपनी इन परेशानियों को बुरी नज़र मान बैठते हैं, या फिर कई लोगों को लगता है कि उन पर किसी ने टोटका कर दिया है। अपनी इस परेशानी को हल करने के लिए और मन में चल रही उलझनों को सुलझाने के लिए लोग अक्सर ढोंगी बाबाओं के जाल में फँस जाते हैं। फिर कई तरह के झाड़-फूँक कराते हैं।

लेकिन ऐसे में लोगों को फ़ायदा मिलने की बजाय नुक़सान पहुँच जाता है। ऐसी स्थिति में ढोंगी बाबाओं और अंधविश्वासों के चक्र से बाहर निकलना बहुत मुश्किल हो जाता है। प्रेमानंद जी महाराज ने इस बारे में अपने विचार साझा किए हैं, साथ ही साथ उन्होंने बताया है कि अगर आपको लग रहा है कि किसी की नज़र लग रही है, या किसी ने आप पर टोटका कर दिया है तो आप इस समस्या से कैसे समाधान पा सकते हैं।

बुरी नजर या मन का भ्रम?

प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं, कई बार मन में चल रही उलझनों, विचारों, और भावनाओं की वजह से हमें ऐसा लगता है कि हमें किसी की नज़र लग गई है। लेकिन अधिकतर इन मामलों में दोष सिर्फ़ हमारे मन का होता है, हमारा दिमाग़ और मन बार-बार इन चीज़ों को दोहराता है, और इनकी रचना करता है। लेकिन फिर भी अगर आप अपने मन को संतुष्ट करना चाहते हैं, तो आप बुरी नज़र से बचने के लिए ये उपाय कर सकते हैं।

प्रेमानंद जी महाराज ने बताया बुरी नजर से बचने का असली तरीका

  • प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं, की बुरी नज़र से बचने का सबसे अच्छा तरीक़ा है रोज़ाना भागवत पाठ करना। ऐसा करने से मन को शांति मिलती है, और चारों तरफ़ सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।
  • प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि राधा रानी का नाम जपने से, न सिर्फ़ नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है बल्कि घर में ख़ुशहाली भी आती है। सकारात्मक विचार मन में उत्पन्न होते हैं, छोटी-छोटी बातों पर ग़ुस्सा नहीं आता है। ऐसा करने से आत्मिक शांति मिलती है।
  • प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं, की रोज़ाना घर में कपूर जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। घर के लोगों में एकता बढ़ती है, घर में कलह कलेश भी ख़त्म हो जाते हैं, इन उपायों को कम से कम लगातार तीन महीने करने से आपको फ़र्क नज़र आने लगेगा।

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Bhawna Choubey

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इस रंगीन दुनिया में खबरों का अपना अलग ही रंग होता है। यह रंग इतना चमकदार होता है कि सभी की आंखें खोल देता है। यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि कलम में बहुत ताकत होती है। इसी ताकत को बरकरार रखने के लिए मैं हर रोज पत्रकारिता के नए-नए पहलुओं को समझती और सीखती हूं। मैंने श्री वैष्णव इंस्टिट्यूट ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन इंदौर से बीए स्नातक किया है। अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए, मैं अब DAVV यूनिवर्सिटी में इसी विषय में स्नातकोत्तर कर रही हूं। पत्रकारिता का यह सफर अभी शुरू हुआ है, लेकिन मैं इसमें आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हूं।मुझे कंटेंट राइटिंग, कॉपी राइटिंग और वॉइस ओवर का अच्छा ज्ञान है। मुझे मनोरंजन, जीवनशैली और धर्म जैसे विषयों पर लिखना अच्छा लगता है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है। यह समाज को सच दिखाने और लोगों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। मैं अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करूंगी।

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