Relationship tips : आपका पार्टनर भी है ज्यादा Emotional, भावुक साथी के साथ ऐसे करें व्यवहार

उसकी बातों को समझें, थोड़ा नरमी से पेश आएं

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। किसी भी रिलेशनशिप (Relationship) में दो लोग हमेशा एक जैसे हों, जरुरी नहीं। हो सकता है रिश्ते में एक पार्टनर प्रैक्टिकल हो और दूसरा इमोशनल (Emotional)। प्यार (love) वो शय है जो दो अलग अलग लोगों को भी एक साथ जोड़ देता है। लेकिन फिर भी अलहदा स्वभाव के कारण कभी न कभी आपस में टकराव होने की संभावना बनी रहती है। खासकर जो व्यक्ति ज्यादा इमोशनल है, उसके साथ डील करने में अक्सर कुछ दिक्कतें आती है। अगर आपका पार्टनर भी भावुक है और आपको उसके साथ कैसे व्यवहार किया जाए ये समझने में दिक्कत आती है, तो आज हम आपको कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं-

Relationship tips : क्या आप भी हैं एकतरफा रिश्ते में, इन संकेतों से जानिये रिलेशनशिप स्टेटस

  • सबसे पहले अपने साथी को समझने की कोशिश कीजिए। इमोशनल लोगों के साथ सबसे बड़ी दिक्कत यही होती है कि उन्हें शिकायत रहती है कि सामने वाला उन्हें समझता नहीं है। इसलिए उनकी बातों को समझने का प्रयास करें।
  • हो सकता है जो बात आपके लिए सामान्य वो, इमोशनल पार्टनर उसी बात पर रो पड़े। बात बात पर रो देना भावुक व्यक्ति की निशानी है। इसे उनकी कमजोरी न मानें और इससे डील करने की कोशिश करें।
  • अगर आपका साथी कुछ ज्यादा भी भावुक है तो वो हर बात पर ज्यादा टची होगा। किसी भी बात का उसपर अतिरिक्त प्रभाव पड़ेगा। इसलिए इससे खीजें नहीं और उसके साथ सामंजस्य की कोशिश करें। उसके साथ कुछ ज्यादा नरमी से पेश आएं।
  • सामने वाले की बातें आपको कभी कभी अतार्किक और बिना कारण की लग सकती है। ऐसे में उस समय उसपर गुस्सा करने की बजाय थोड़ा सब्र करें। जब सामान्य माहौल हो तब उससे बात करें।
  • कभी भी जब इमोशनल पार्टनर अपने कमजोर क्षणों में हो तो उसके साथ केयरिंग व्यवहार करे। उस समय उसे आपकी सबसे ज्यादा जरुरत होगी।
  • उसका अपमान न करें। सिर्फ इस कारण कि वो इमोशनल है उसका मजाक न बनाएं न ही उसकी बातों को हल्के में ले।
  • एक भावुक व्यक्ति अधिक दुनियादार नहीं होता, ऐसे में उसके साथ बहुत प्रैक्टिकल व्यवहार आप दोनों के बीच दरार ला सकता है।
  • इमोशनल पार्टनर के साथ आपको ज्यादा प्यार से रहने की जरुरत है। उसकी भावनाओं के साथ तारतम्य बैठाना और प्यार के साथ बातों को संभालना आना चाहिए।
  • कभी भी उसकी बातों को इसलिए इग्नोर मत कीजिए कि वो तो हर निर्णय भावनाओं में बहकर लेता है। उसके नजरिये से स्थिति को देखने की कोशिश कीजिए।