राज़ की बात : ये मनोवैज्ञानिक सीक्रेट्स हैं बड़े काम के

Psychological Secrets : मनोविज्ञान किसी भी व्यक्ति के बारे में काफी कुछ बता सकता है। उसके हाव भाव, बॉडी लेंग्वेज, आंखें, बोलने का तरीका उसके बारे में वो बातें भी बता देता है, जिसे सामान्यतया वो छिपाना चाहता हो। इसीलिए कहा जाता है कि शब्दों से ज्यादा एक्शन पर गौर करना चाहिए। आज हम आपको ऐसे ही कुछ मनोवैज्ञानिक राज़ बताने जा रहे हैं।

राज़ की बात

  • अगर कोई व्यक्ति लगातार बोले जा रहा है और आपको बीच में बोलने के लिए एक क्षण का भी समय नहीं मिल रहा है तो कोई पेन, चाबी या ऐसी ही चीज नीचे गिरा दीजिए। अब वो वस्तु उठाने के लिए झुकिए और उठते हुए अपनी बात कहना शुरु कर दीजिए। इससे सामने वाले को पता भी नहीं चलेगा कि आपने उसे बीच में टोका है और आपको अपनी बात करने का मौका भी मिल जाएगा।
  • आंखें बंद करने से आपको कोई भी बात याद करने में सहायता मिलती है। इससे बाकी क्रिया रुक जाती है और आपको ध्यानचित्त होने में मदद मिलती है। यही कारण है कि आंख बंद करके याद करने पर बहुत सी चीजें याद आ जाती हैं।
  • हर किसी के जीवन में कोई ऐसी घटना जरुर होती है, जो उसे फिर कभी पहले जैसा नहीं रहने देती। वो उसे एक खास तरह से बदल देती है और इंसान चाहकर भी अपने पहले वर्जन में नहीं लौट पाता।
  • अगर आप किसी को इग्नोर करना शुरु करते हैं तो वो भी अनजाने में ही आपको इग्नोर करना शुरु कर देते हैं। इससे फिर कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप पहले कितने नजदीक थे।
  • अगर कोई व्यक्ति सत्य घटना बता रहा है तो वो अपने हाथों का काफी उपयोग करेगा। लेकिन अगर वो कोई मनगढ़ंत कहानी सुना रहा है तो उसके हाथों के एक्शन काफी कम होंगे।
  • अगर टेंशन के कारण सिरदर्द है तो अपने दांतों के बीच में एक पेंसिल रखिए। पेंसिल चबाना नहीं है बस उसे दांतों में फंसाकर अपने मसल्स को हल्का छोड़ना है। इससे आपका तनाव कम होगा और दर्द भी।
  • अगर दो लोग बात कर रहे हैं और उनमें से कोई एक अपना पैर पीछे हटता है, या एक पैर को लगातार पीछे की तरफ घुमाता है तो इसका अर्थ ये है कि वो सामने वाले की बात से सहमत नहीं है और वहां से जाना चाहता है।