Varanasi Balloon Festival: वाराणसी में 17 जनवरी से शुरू हो रहा बैलून फेस्टिवल, जानिए खेल के नियम

Varanasi Balloon Festival: उत्तरप्रदेश के वाराणसी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 17 जनवरी से एयर बैलून फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। जिसका समापन 20 जनवरी को होगा।यदि आप एडवेंचर के शौकीन हैं और पहले कभी वाराणसी नहीं आए हैं, तो ये अच्छा मौका है इस शहर को एक्सप्लोर करने का क्योंकि यहां आपको केवल इसका ही नहीं बल्कि बोट का आनंद लेने का मौका मिलेगा। 

Varanasi Balloon Festival : उत्तरप्रदेश के वाराणसी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 17 जनवरी से एयर बैलून फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। जिसका समापन 20 जनवरी को होगा। इसमें एससीओ देशों (शंघाई सहयोग संगठन) के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। जिसके लिए पर्यटन विभाग और प्रशासन ने सारी तैयारियां लगभग पूरी कर ली है। पर्यटन विभाग के मुताबिक, बैलून उत्सव में हॉट एयर बैलून को 10 विदेशी और 2 देसी पायलट उड़ाएंगे। जिसके लिए पर्यटन विभाग ने पोलैंड, फिनलैंड, इटली, यूके और यूएस के पायलटों को निमंत्रण भेजा है। इस हॉट एयर बैलून के जरिए टूरिस्ट्स 5 से 7 किलोमीटर तक का सफर आसमान में कर पाएंगे। यदि आप एडवेंचर के शौकीन हैं और पहले कभी वाराणसी नहीं आए हैं, तो ये अच्छा मौका है इस शहर को एक्सप्लोर करने का क्योंकि यहां आपको केवल इसका ही नहीं बल्कि बोट का आनंद लेने का मौका मिलेगा।

हॉट एयर बैलून

हॉट एयर बैलून एक प्रकार का सिंथेटिक बलून होता है। जिसमें बहुत बड़ी सी बात पर लगी होती है। जिसमें यात्री सवार होते हैं और इस फेस्टिवल का मजा उठाते हैं। जब यह बलून हवा मैं उड़ता है तो आसमान से नीचे का खूबसूरत नजारा देखने में काफी ज्यादा ही अच्छा लगता है। वहीं, इस फेस्टिवल के लिए प्रशासन की ओर से प्रत्येक व्यक्ति ₹500 की शुल्क निर्धारित की गई है। ₹500 देने के बाद ही एक व्यक्ति इस त्यौहार का आनंद ले सकता है।

बोट रेस की टीमें

वहीं, बोट रेस में हिस्सा लेने वाली टीमों के मेंबर काशी के स्थानीय नाविक ही हैं। इनके नाम हैं- नाविक सेना, नौका सवार, भागीरथी सेवक, घाट रक्षक, गंगा वाहिनी, जल योद्धा, गंगा लहरी, गंगा पुत्र, काशी लहरी, गौमुख दैत्य, काशी रक्षक, और जल सेना। बोट रेस की उन्हें पूरी ट्रेनिंग दी जा रही है। इस फेस्टिवल के लिए तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। यदि आप अभी वाराणसी घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यकिन मानिए इससे अच्छा मौका आपको नहीं मिलेगा।

खेल के नियम

इस चार दिवसीय खेल प्रतियोगिता के लिए एक नई नियम पुस्तिका बनाई गई है। इसमें प्वाइंट सिस्टम रखा गया है। यानी कि सभी टीमें प्वाइंट हासिल करने के लिए हर दिन एक-दूसरे से मुकाबला करेंगी। जिस टीम को सबसे ज्यादा प्वाइंट मिलेंगे वही टीम इस रेस की विजेता होगी। चैंपियंस को 1.75 लाख रुपए का इनाम भी दिया जाएगा। यह मुकाबला काफी ज्यादा रोमांचित होने वाला है।

कैसा होगा रेसिंग ट्रैक और बोट साइज

दशाश्वमेध घाट से शुरू होकर राजघाट तक इस रेसिंग ट्रैक की कुल लंबाई 3 किलोमीटर का है। वाराणसी की ट्रेडिशनल बोट्स 15 फीट लंबी होती हैं। इनकी पतवार 4 फीट लंबी होती है। इसकी कमान कप्तान के हाथों में होगी। 4 दूसरे नाविक इसका संचालन करेंगे। इसे उड़ाने के लिए तीन जगह निर्धारित किए गए हैं। इनमें एक गंगा पार डोमरी, दूसरा है सेंट्रल हिंदू ब्वॉयज स्कूल कैंपस कमच्छा और तीसरा है संपूर्णानंद सिगरा स्टेडियम।