इंदौर में डेंगू के खिलाफ छिड़ा 10 दिन का महाअभियान, प्रशासन और निगम उतरा सड़कों पर

इस दौरान इंदौर निगम आयुक्त, कलेक्टर और डीआईजी ने जनप्रतिनिधियों को जरूरी दिशा निर्देश दिये।

इंदौर, आकाश धोलपुरे। शहर में हर रोज बढ़ रहे डेंगू (Dengue) के मरीज अब प्रशासन की चिंता का सबब बन गए हैं और ये ही वजह है सीएम से मिले निर्देश के बाद अब प्रशासन युद्ध स्तर पर डेंगू से लड़ाई के लिए तैयार है। बुधवार से डेंगू के खिलाफ 10 दिनी अभियान की शुरुआत की गई। जिसके तहत मंगलवार को इंदौर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल, कलेक्टर मनीष सिंह और डीआईजी मनीष कपूरिया जनप्रतिनिधियों के साथ परदेशीपुरा क्षेत्र की निचली बस्ती पतरे की चाल में पहुंचे। यहां पहुंचकर डेंगू मुक्त अभियान की शुरुआत की गई। इस मौके पर डेंगू बीमारी पनपने के लक्षण से लेकर कारण और निवारण भी महिलाओं और बच्चो को बताए गए।

इंदौर में डेंगू के खिलाफ छिड़ा 10 दिन का महाअभियान, प्रशासन और निगम उतरा सड़कों पर

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इस अवसर पर निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने बताया कि डेंगू से बचाव का सबसे कारगर उपाय लोगों की जागरूकता है। उन्होंने कहा कि शहरभर के स्लम एरिया में जाकर निगम की टीम लोगों को बता रही है कि वो घरों में ज्यादा दिन तक एक ही स्थान पर पानी एकत्रित न होने दें और कूलर, पुराने बर्तन, टायरों सहित अन्य स्थानों पर पानी का जमाव न होने दें। वही उन्होंने कहा कि निगम की टीम शहर मे फॉगिंग कर क्रूड ऑयल का छिड़काव कर रही है।

वही इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने माना कि कई मामलों में डेंगू कोविड से भी ज्यादा खतरनाक हो जाता है। ऐसे में लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वो साफ पानी भी एकत्रित न रहने दे। इसके अलावा बीमारी के लक्षण आने पर तुरंत इलाज कराए। वही डीआईजी मनीष कपूरिया ने कहा कि उन्हें खुशी है कि पतरे की चाल के रहने वाले लोग इस बीमारी के प्रति अवेयर है और इसी तरह की जागरूकता समूचे शहर को दिखानी चाहिए तब ही हम डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ पाएंगे।