मध्य प्रदेश : 397 निकायों की तस्वीर साफ, 101 सीटें OBC वर्ग के लिए आरक्षित

प्रदेश की 397 में से 200 सीटें अनारक्षित हैं। इन निकायों की सीटों पर कोई भी उम्मीदवार अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी पेश कर सकता है, चाहे वह सामान्य हो, SC-ST हो या OBC वर्ग से हो। इन्हीं सीटों में से 50% यानि 100 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश में आगामी निकाय एवं पंचायत चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग और प्रशासन काफी एक्टिव हो गया है। पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी करने के बाद, अब निकाय चुनावों में आरक्षण की तस्वीर भी साफ हो गई है।

99 नगर पालिका और 298 नगर परिषद अध्यक्ष सीट में से कुल 101 सीटें OBC वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं, जो कुल सीटों का करीब 25% है। नगर पालिका में ओबीसी वर्ग के लिए 28 सीटें आरक्षित थीं वहीं, 52 जिला पंचायतों में ओबीसी को सिर्फ 7 सीटें दी गईं यानी कि सिर्फ 7% आरक्षण।

प्रदेश की 397 में से 200 सीटें अनारक्षित हैं। इन निकायों की सीटों पर कोई भी उम्मीदवार अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी पेश कर सकता है, चाहे वह सामान्य हो, SC-ST हो या OBC वर्ग से हो। इन्हीं सीटों में से 50% यानि 100 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है।

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ओबीसी (OBC) वर्ग के लिए नगर पालिका और नगर परिषद में क्रमशः 28 और 73 सीटें आरक्षित की गई हैं। एससी (SC) की बात करें तो कुल 63 इस वर्ग के लिए आरक्षित हुई है, जो कुल रिजर्वेशन का 15.86% है तो वहीं, ST वर्ग के लिए 33 यानी 8.31% सीटें आरक्षित की गई।

भोपाल निगम की सीट भी ओबीसी महिला के लिए आरक्षित

प्रदेश के 16 नगर निगमों के मेयर की बात करें तो ओबीसी वर्ग को 25 फीसदी आरक्षण मिला है, जिसमें भोपाल सीट भी शामिल है। दरअसल, भोपाल ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। इसके अलावा सतना, रतलाम और खंडवा (महिला) सीट शामिल है।

एससी (SC) के लिए मुरैना (महिला) और उज्जैन वहीं एसटी (ST) के लिए छिंदवाड़ा सीट आरक्षित है। इसमें से 8 सीटें अनारक्षित हैं, जिनमें इंदौर, सागर (महिला), जबलपुर, बुरहानपुर (महिला), रीवा, ग्वालियर (महिला), सिंगरौली, देवास (महिला) और कटनी (महिला) शामिल हैं।