दादियों के जज्बे को सलाम! 78 की उम्र में दौड़ा रही हैं घोड़ा, तो दूसरी 80 की उम्र में सीख रहीं स्कूटी

देवास के वृद्धाश्रम बसेरा में रहने वाली दो बुजुर्ग महिलाएं हौंसले की उड़ान भर रही हैं। इनकी उम्र है 80 और 78 साल हैं। जिनमें से एक घुड़सवारी और दूसरी स्कूटी चलाना सीख रही हैं।

देवास, अमिताभ शुक्ला। देवास की रहने वाली 90 वर्षीय दादी के फर्राटेदार कार चलाने के वीडियो के सुर्ख़ियो में आने के बाद अब देवास की ही 2 ऐसी बुजुर्ग महिलाओ की चर्चाएं हो रही हैं जिनके हुनर की ना आप सिर्फ तारीफ़ करेंगे बल्कि ये कहेंगे कि “वाह दादी क्या बात है”।

ये भी पढ़ें- बैतूल की 82 बेटियों को मिला रोजगार, बैंगलोर के आदित्य बिरला ग्रुप फैक्ट्री में करेंगी काम

दरअसल देवास के बसेरा वृद्धाआश्रम में रह रही 78 देवकी बाई ने उम्र को पटकनी देते हुए घुड़सवारी करके सबके चौंका दिया है। जिस तरह से वो फर्राटेदार घोड़े दौड़ाती हैं, उसके बाद तो ट्रेनी घुड़सवार का हुनर भी फीका पड़ जाए। देवकीबाई का कहना है कि वो बचपन में कई बार घुड़सवारी कर चुकी हैं। उनका कहना है, कि मुझे घौड़ा दौड़ाना अच्छा लगता है।

इनके अलावा इसी वर्द्धाआश्रम में रह रही 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला शकुंतलाबाई इन दिनों वर्द्धाआश्रम के ही प्रबंधक दिनेश चौधरी से स्कूटी चलाना सिख रही हैं। अभी वो पूरी तरह से स्कूटी चलाना नहीं सीखी हैं। लेकिन फिर भी उनका हौसला बुलन्द है, और वो कहती हैं कि जब देवास की ही 90 वर्षीय महिला कार चला सकती हैं, तो मैं स्कूटी क्यों नहीं चला सकती हूँ।

वर्द्धा आश्रम के प्रबंधक दिनेश चौधरी ने भी इन दोनों महिलाओ के ज़ज़्बे और लगन की तारीफ की। नेश ऊउनका कहना है कि किसी भी काम को सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। वो कहते हैं कि इस वर्द्धाआश्रम में रह रहे बुजर्गो के सम्मान में कहीं कमी नही आने देंगे। बल्कि उनके सभी शौक पूरा करने की कोशिश करेंगे।