लूट में खाकी की संलिप्तता, बचाने में जुटी में पुलिस, उठ रहे सवाल

आगर मालवा। गिरिश शर्मा। 

आगर में 20 तारीख को तनोडिया टावर के पास हुई लूट जिसमे 2 पुलिस वालों की संलिप्तता के भी आरोप लगे है में फरियादी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर लापरवाही का आरोप लगाया है।हम आपको बता दे कि लूट के अगले दिन 21 दिसम्बर को काफी मशक्कत के बाद रात करीब 9 बजे दर्ज हुए इस प्रकरण को लेकर फरियादी के यह आरोप सामने आए है ।

प्रकरण में आगर निवासी इरफान के खिलाफ तो नामजद रिपोर्ट लिखी गई पर घटना में संलिप्त जिन 2 पुलिस के जवानों को जिनके बारे में फरियादी ने चहरा देख कर पहचानने के बात कही थी को अज्ञात पुलिस वर्दी धारी बताकर रिपोर्ट दर्ज की गई है ।

दरअसल 20 दिसम्बर की शाम जब फरियादी हडमतसिंह निवासी अम्बा बडौद अपने रिश्तेदारो से ट्रेक्टर का लोन चुकाने के लिए 70 हजार रु लेकर आगर आ रहा था उसी समय इंदौर कोटा मार्ग स्थित तनोडिया टावर पर पहले इरफान अपने 2 साथियों के साथ कार से पहुचा और फरियादी से 70 हजार रु छुड़ा लिए और फिर उसके तुरंत बाद वहाँ 2 पुलिस वाले पहुचे और वो इरफान को उनकी बाईक पर बीच मे बिठा कर रफू चक्कर हो गए ।

फरियादी जब अगले दिन अपने रुपये लेने थाना कोतवाली आगर पहुचा तो उसे मालूम चला कि यहां तो इस प्रक्रार की वारदात में किसी आरोपी को लाया ही नही गया है और फिर तभी से आवेदक थाने पर बैठकर अपना प्रकरण दर्ज कराने का प्रयास कर रहा था जिसमे करीब 11 घंटे बाद रात करीब 9 बजे आरोपी इरफान और 2 अज्ञात पुलिस वर्दी धारी के खिलाफ यह प्रकरण दर्ज हुआ था ।

रीपोर्ट दर्ज होने के बाद अभी तक आगर पुलिस द्वारा उन अज्ञात पुलिस वर्दी धारियों को तलाशने के लिए कोई गंभीर प्रयास नही करने और ना ही प्रकरण के मुख्य आरोपी ईरफान के अभी तक गिरफ्तार होने से, प्रकरण का फरियादी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवालिया निशान लगा रहा है । फरियादी का कहना है कि प्रकरण में आरोपी बनाए गए पुलिस वालों को बचाने के लिए आगर पुलिस प्रकरण में गंभीरता पूर्वक जांच नही कर रही है ।वहीं पूरे प्रकरण में आगर थाना प्रभारी पी. एन. शर्मा का कहना है कि आरोपी इरफान को गिरफ्त में लेने का पूरा प्रयास कर रहे है और जल्द ही पूरे प्रकरण का खुलासा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी ।

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