अस्पताल में डॉक्टर की कमी से गई बच्चे की जान, परिजनों ने BJP सांसद से की कार्रवाई की मांग

अलीराजपुर

जिले के एक परिवार ने आरोप लगाया है कि जिला अस्पताल में इलाज में देरी के चलते उनके 12 वर्षीय पुत्र की जान चली गई। पीड़ित परिवार ने क्षेत्रीय सांसद को अपनी व्यथा सुनाकर इस संबंध में कार्रवाई की मांग की है।

दरअसल, जिले गौराना परिवार के लोगो ने  सांसद को बताया कि रविवार 3 नवम्बर को  12 वर्षीय बालक नाम दिव्यांश  घर पर खेल रहा था और उसके गले मे रस्सी लपट गई जिससे उसका दम घुट गया था। जब उसके माता पिता ने देखा तो उसको तुरन्त जिला चिकित्सालय में लाये जब बच्चा जीवित था, लेकिन हॉस्पिटल में कोई भी डॉक्टर नही दिखाई दिया। पूरा परिवार अस्पताल में डॉक्टर को ढूंढने में लगा रहा और जब तक डॉक्टर आए उनका बेटा दम तोड़ चुका था।

 परिजनों ने आरोप लगाया कि हॉस्पिटल में अगर समय पर डॉक्टर मिल जाता तो हमारा बच्चा जीवित होता। मामले को सांसद डामोर ने गम्भीरता से लिया और डॉक्टरों को फटकार लगाई और मामले की शिकायत आला अधिकारियों से करने की बात कही। सांसद डामोर ने जिला हॉस्पिटल को लेकर कहा कि 24 घण्टे डॉक्टरों की उपलब्धता होनी चाहिए अगर ऐसा नही है तो कार्यवाही की जाएगी।

 सांसद डामोर ने कहा कि अलीराजपुर में डॉक्टरों की भी काफी कमी है कई स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के पद खाली हैं और इस मामले को लेकर उन्होंने स्वास्थ मंत्री तुलसीराम सिलावट से चर्चा की है और उन्होंने आश्वस्त किया है कि जल्द ही अलीराजपुर में खाली पड़े डॉक्टरों के पद पर भर्तियां की जाएंगी।

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