कांग्रेस ने प्रशासन पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप,करेंगे मनरेगा कार्यों का निरीक्षण

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अलीराजपुर/यतेंद्रसिंह सोलंकी

विश्वव्यापी कोरोना महामारी के कारण जिले का हर आदिवासी प्रभावित हुआ है। गुजरात से बडी संख्या में मजदूर अपने घर लौट आए लेकिन प्रशासन उन्हें जिले में रोजगार उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। ऐसे में जिले से हजारों मजदूर रोजाना पलायन कर काम की तलाश में वापस अन्य राज्यों की और जाने लगे है। जबकि जिले की विभिन्न पंचायतों में कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ व प्रशासनिक अधिकारियों के सरंक्षण में खुलेआम जेसीबी और पॉकलेन मशीनों से काम करवाया जा रहा है और मजदूरों के हक के पैसे हड़पे जा रहे हैं। ये संगीन आरोप लगाया है जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश पटेल, विधायक कलावती भूरिया, विधायक मुकेश पटेल, जिला कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष ओम राठौर और जिला कांग्रेस पदाधिकारियों ने। इन्होने एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में लगाते हुए कहा कि जिले के दोनों विधायक, जिला कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस पदाधिकारी 7 जून से जिले की पंचायतों में मनरेगा सहित अन्य कार्यो का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे।

नेताओं ने आरोप लगाया कि मनरेगा सहित मजदूरों के हितों के कामों में भारी भ्रष्टाचार जिला पंचायत सीईओ और प्रशासन के सरंक्षण में किया जा रहा है। भारी मात्रा में कमीशनखोरी की जा रही है। जिसके कारण जिले के लाखों मजदूरों को जिले में रोजगार नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने मजदूरों को उनका हक नहीं दिया तो जिला कांग्रेस अध्यक्ष और दोनों विधायकों के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर विशाल धरना प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा।

सीईओ पर खुलेआम मशीनें चलवाने का आरोप
विधायक पटेल व भूरिया व जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत सीईओ द्वारा सरपंच और सचिवों के साथ मनरेगा के कार्यो में खुलेआम मशीनें चलवाई जा रही है, जिससे मजदूरों को मजदूरी का अवसर नहीं मिल पा रही है और मजदूर पलायन करने को मजबूर हो रहे है। ये संकट के इस दौर में भी आदिवासियों का शोषण करने में लगे हुए हैं।

सांसद तबादला उद्योग चला रहे, बदले की भावना से कर रहे कार्रवाई
विधायक भूरिया व जिला कांग्रेस अध्यक्ष पटेल ने सांसद गुमानसिंह डामोर पर तबादला उद्योग चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सांसद डामोर तबादला उद्योग चला रहे हैं। उनके इशारे पर अच्छा और बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को हटाया जा रहा है और परेशान किया जा रहा है। यहां तक कि जिन अधिकारियों ने कोरोना महामारी के दौर में अच्छा काम किया है उन्हें भी हटाया जा रहा है। सांसद के इशारे पर बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है। विधायक पटेल, भूरिया व जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जिले के जो अधिकारी भाजपा नेताओं के इशारे पर काम कर रहे है वे अपना रवैया सुधार लेवें और निष्पक्षता से जनता के हित में काम करें। उन्होंने कहा कि आज संकट की इस घड़ी में भी जिले में विभिन्न योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार कर गरीब आदिवासियों का शोषण किया जा रहा है, जो कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

धरना, प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी, विधानसभा में उठाएंगे मामला
विधायक पटेल, भूरिया व जिला कांग्रेस अध्यक्ष पटेल ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों और प्रशासन ने अपना रवैया नहीं सुधारा तो जिला कांग्रेस के नेतृत्व में ब्लॉक मुख्यालय और जिला मुख्यालय पर विशाल धरना आंदोलन और जंगी प्रदर्शन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। साथ ही इन सभी मामलों को विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों द्वारा पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा और मनरेगा सहित कोरोना राहत फंड में हुए भ्रष्टाचार के मामलों की जांच की मांग की जाएगी।

जिले के दोनो विधायक भूरिया व पटेल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष पटेल, कार्यवाहक अध्यक्ष ओमप्रकाश राठौर, नपाध्यक्ष सेना पटेल, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राधेश्याम माहेश्वरी, कांग्रेस नेता प्रकाशचंद्र जैन, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कमरु अजनार, भुरु अजनार, पारसिंह बारिया, कैलाश चौहान, मोहन भाई, उसान भाई, मदन डावर, जिला पंचायत सदस्य बिहारीलाल डावर आदि ने प्रशासन को चेतावनी दी है।

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