कांग्रेस ने अलीराजपुर के मजदूरों को वापस लाने के लिये राज्यपाल और सीएम को लिखा पत्र

अलीराजपुर/यतेंद्रसिंह सोलंकी

कोरोना महामारी के बीच आदिवासी अलीराजपुर के हजारों मजदूर लॉकडाउन के कारण पिछले एक महीने से अधिक समय से गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान सहित अन्य राज्यों के विभिन्न शहरों में फंस गए है। इस मामले को लेकर गुरुवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश पटेल, जोबट विधायक कलावती भूरिया एवं आलीराजपुर विधायक मुकेश पटेल ने  राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर सुरभि गुप्ता को सोंपा।

इसके अलावा विधायक मुकेश पटेल ने मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर मांग की है कि जैसे कोटा से विद्यार्थियों को घर तक लाया गया वैसी ही जिले के गरीब आदिवासी छात्र छात्राओं और मजदूरों को भी को भी अपने घर तक सरकार पहुंचाए। ये मांग विधायक मुकेश पटेल ने गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पत्र लिखकर की।

जिले के मजदूरों के साथ हो रहा है भेदभाव
कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन देने के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश पटेल और जोबट विधायक कलावतीस भूरिया एवं विधायक पटेल ने मीडिया को बताया कि कोरोना महामारी को लेकर देशभर में लॉक डाउन लगा हुआ है । इस अवधि में अलीराजपुर ओर झाबुआ जिले से हजारों मजदूर अन्य राज्यों में फंस गए है। ये मजदूर वहां पर दिहाडी मजदूरी करते थे तथा वर्तमान में बेराजगार हो गए है। इन मजदूरों के परिवार एवं उनके द्वारा फोन पर बताया गया है कि उन्हें वहां खाना व राशन नहीं मिल पा रहा है। बच्चों को लेकर वे वहां पर अत्यन्त परेशानी में दिन काट रहे हैं, उन्हें वहां न खाने को है न ही मूलभूत सुविधा प्राप्त हो रही है और न मेडिकल सुविधा मिल रही है। ऐसे में उन्हें अपने निवास स्थान पर पहुंचाना अत्यन्त आवश्यक है। मप्र की भाजपा सरकार इस ओर ध्यान नही दे रही है। उन्होने आरोप लगाया कि आदिवासी बाहुल्य जिलों के मजदूरों के साथ प्रदेश सरकार भेदभाव कर रही है। लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे को भोपाल से लेकर दिल्ली तक अपनी बात पहुंचाएंगी। इन नेताओ ने कहा कि प्रदेश सरकार को उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर फंसे हुए मजदूरों को लाने के प्रयास करना चाहिए। उन्होंने बताया कि मप्र सहित अन्य राज्य सरकारों द्वारा अपने क्षेत्र के निवासीयों पढ़ने वाले बच्चों को उनके निवास पर पहुंचाने हेतु पहल की गई एवं उन्हें सकुशल अपने घर भी पहुंचाया गया है। इस कार्य हेतु शासन द्वारा बसों की व्यस्था की गई। जबकि मजदूर 500 कि.मी. पैदल निकल कर सड़कों पर और उन्हें रोक दिया गया। इसी प्रकार जिले की जनपद पंचायतों के माध्यम से पलायन कर गये मजदूरों की जानकारी प्राप्त कर उन्हें अपने गृह निवास तक पहुंचाया जा सकता है। मजदूरों को उनके निवास तक लाने हेतु मप्र सरकार द्वारा किसी प्रकार की पहल नहीं की जा रही है। एक ही राज्य में दो तरह की व्यवस्था हो रही है एक ओर जहां राजस्थान से बच्चों को शासन द्वारा पहल कर बच्चों को लाया जा रहा है वहीं गरीब आदिवासी मजदूरों को अन्य राज्यों में उनके हाल पर छोड दिया गया है। वर्तमान में उन मजदूरों के घरों में उनके बजुर्ग उनका बेसब्री से इन्तजार कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में इन्होने राज्यपाल से निवेदन किया है कि वे अलीराजपुर जिले के समस्त अजजा वर्ग के.गरीब मजदूरों को उनके गृह निवास तक पहुंचाने हेतु आप मप्र सरकार को निर्देशित करें कि वे उन गरीबों को अपने घर निवास तक पहुंचाने इस हेतु उक्त मजदूरों को लाने के पूर्व उनकी सम्पूर्ण जांच भी कर ली जावे तथा यदि कोई संकमित पाया जाता है तो उन्हे अन्य शासकीय किसी नजदीकी स्थान पर क्वारेंटाइन किया जावे।

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