जीतू पटवारी का सवाल, जब आदिवासी हिंदू हैं तो प्रमाण की क्या जरूरत

यतीन्द्र सोलंकी/अलीराजपुर। संघ प्रमुख मोहन भागवत (mohan bhagwat) के द्वारा जनसंख्या में आदिवासियों (tribles) के आगे हिंदू  (hindu) लिखे जाने के बाद उठे बवाल पर अब प्रदेश के मंत्री जीतू पटवारी  (jitu patwari) का बयान सामने आया है। अलीराजपुर में चंद्रशेखर आजाद (chandra shekhar aazad) को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि सरकारे आदिवासियों के लिए योजनाएं बनाती हैं। उनके हितों के लिए काम करती हैं। उन्होंने उपस्थित आदिवासी समूह से पूछा कि आप हिंदू हो या नहीं और जब जवाब हां में आया तो उन्होंने कहा जब आप हिंदू हो तो यह लिखवाने की क्या जरूरत है  कि आप हिंदू हो या आदिवासी ।यह लोग यह सवाल पूछने वाले कौन होते हैं ।आज लोगों को जरूरत है रोजगार और पेट भरने की।

जीतू पटवारी का यह बयान कांग्रेस (congress) की उस लाइन से अलग है जिसमें कांग्रेस लगातार यह कह रही है कि आदिवासी हिंदू नहीं है ।मोहन भागवत का यह कहना  उनके ऊपर जबरिया हिंदू धर्म लाद देने जैसा है। दरअसल यह विवाद लंबे समय से चलता रहा है कि आदिवासी खुद को किस धर्म का माने और अंग्रेजो के द्वारा शुरू की गई जनगणना में भी इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी कि उन्हें किसी धर्म विशेष के अंदर समाहित किया जाए।