मेडिकल स्टोर पर राजस्व विभाग का छापा, लंबी शिकायतों के बाद सिर्फ दो दुकानों पर कार्रवाई

अलीराजपुर, यतेंद्रसिंह सोलंकी। जिले में काफी समय से झोलाछाप डाॅक्टर और उन्हें दवाईयां बेचने वाले मेडिकल संचालक सुर्खियां बटोर रहे थे। इसे लेकर कलेक्टर ने स्वास्थ्य महकमे के मुखिया को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद राजस्व अमला एसडीएम के नेतृत्व में दो मेडिकल संचालकों के ठिकाने पर पहुंचा और एक्सपायरी डेट की दवाइयां तलाशी। जिले में लंबे समय बाद इस तरह की कार्रवाई हुई है और जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से सभी मेडिकल संचालकों में हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई के बाद शहर के कई मेडिकल संचालकों ने अपनी मेडिकल स्टोर बंद कर दी है।

शुरू में ये कयास लग रहे थे कि मेडिकल संचालकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है, परंतु बाद में पता चला की राजस्व अमले ने सिर्फ एक्सपायरी डेट की दवाइयां बरामद की। सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं कि इतनी शिकायतों के बाद भी प्रशासन ने केवल जिला मुख्यालय के दो ही मेडिकल स्टोर पर ही कार्रवाई क्यों की। इस तरह लंबे समय बाद हुई इस कार्रवाई को लेकर शंका उठने लगी है।

दरअसल, जिला मुख्यालय में मेडिकल संचालकों के बीच हलचल तब बढ़ गई जब एसडीएम लक्ष्मी गामड, तहसीलदार के एल तिलवारी एवं सीएमएचओ डाॅ प्रकाश ढोके अपने दल बल के साथ नगर में संचालित मेडिकल स्टोर पर निरीक्षण करने पहुंचे। कलेक्टर सुरभि गुप्ता द्वारा दिये गये दिशा निर्देशानुसार एसडीएम लक्ष्मी गामड़ के मार्गदर्शन में नगर के राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा सुबह पंचेश्वर मंदिर मार्ग स्थित सुनील इन्टरप्राइजेस की दुकान पर अचानक पहुंच दवाइयों की जांच पड़ताल की गई। जांच करने गई टीम को भारी मात्रा में एक्सपायरी डेट की दवाईयों मिली। जिस पर मौके पर उपस्थित एसडीएम लक्ष्मी गामड़ और तहसीलदार के.एल. तिलवारी एवं सीएमएचओ डाॅ. प्रकाश ढोके को एक्सपायरी डेट की दवाईयों को जप्त कर पंचनामा बनाने के दिशा निर्देश दिये गये। इसके बाद टीम द्वारा दूसरे मेडिकल पर पहुंचकर कार्रवाई कर पंचनामा बनाया गया। जिला मुख्यालय पर हुई इस तरह की कार्रवाई से मेडिकल संचालकों में अफरा तफरी मच गई। अन्य मेडिकल स्टोर संचालकों को भी कार्रवाई का डर सताने लगा, लेकिन प्रशासन की ये छापामार कार्रवाई सिर्फ दो दुकानों तक ही सीमित रही। इससे मेडिकल स्टोर संचालकों ने तो राहत की सांस ली है, लेकिन ये कार्रवाई संदेह के घेरे में आ गई है। आखिर इतनी शिकायतों के बाद और कार्रवाई क्यों नहीं की गई, ये सवाल खड़े हो रहे हैं।

इनका कहना है 
कलेक्टर के निर्देश पर मेडिकल संचालकों की दुकानों पर जाकर राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा जांच पड़ताल कर एक्सपायरी डेट की दवाइयां जप्त कर पंचनामा बनाया गया और उन्हे हिदायद दी गई की एक्सपायरी डेट की दवाईयां मेडिकल में ना रखें।
लक्ष्मी गामड़- एसडीएम, आलीराजपुर।

 

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