याद रखी जाएंगी कोरोना काल की ये कहानियां, मां की गंभीर बीमारी के बावजूद निभाया अपना फर्ज

अलीराजपुर/यतेंद्रसिंह सोलंकी

कोरोना वायरस संकट के दौरान कई कोरोना कर्मवीर सामने आए हैं। ऐसे ही एक कोरोना कर्मवीर आयुष चिकित्सक डाॅ. वरूण श्राफ है। डाॅ. श्राॅफ जब अपनी ड्यूटी निभा रहे थे तब उनकी माताजी घर में कैंसर की गंभीर बीमारी से जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रही थी। उस दौरान भी डाॅ. वरूण ने पारिवारिक जिम्मेदारी के साथ-साथ अपने चिकित्सकीय दायित्व को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निभाया।

जब घर में उनकी माताजी कैंसर की बीमारी से जूझ रही थी तक भी वे कोरोना संकट के बीच पूरे समय एवं देर रात तक ड्यूटी पर तैनात रहकर अपना दायित्व निभाते रहे। इस दौरान उन्होंने ओपीडी के साथ-साथ शहर में बाहर से आने वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग एंव हाॅम क्वारेन्टाइन संबंधित जिम्मेदारी को दिन-रात लगकर पूरा किया, जो कि अब भी निरंतर जारी है। वे बताते है मेरी माताजी कैंसर की बीमारी से जूझ रही थी ऐसे में सुबह उन्हें दवाएं देकर अस्पताल के लिए निकल पडता था। इस दौरान दिन के साथ-साथ ऑन काॅल रात में भी ड्यूटी पर लगातार काम किया। वे बताते है एक चिकित्सक के लिए कोरोना संकट के बीच मरीजों एवं देश सेवा से बढकर कोई दूसरा दायित्व नहीं हो सकता। वे कहते है मुझे अपनी मां की गंभीर बिमारी और उनके स्वास्थ्य की चिंता लगी रहती थी लेकिन कोरोना संकट के बीच अपने दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाकर मैनें माना की अपनी मां की सेवा कर रहा हूं। इस बीच उनकी माताजी का दुखद निधन हो गया लेकिन वो तीसरे दिन ही तत्काल ड्यूटी पर ज्वांइन हुए और आज भी वे पूरी लगन के साथ अपने दायित्व को निभा रहे है। डाॅ. वरूण के पदीय कर्तव्य को निभाने के कायल उनके स्टाॅफ के साथीगण भी है। जिला आयुष अधिकारी डाॅ. एनएस वास्कले बताते है डाॅ. वरूण हमारी टीम के मेहनती और जुझारू युवा चिकित्सक है। सीएमएचओ डाॅ. प्रकाष ढोके ने बताया डाॅ. वरूण लगनषील और जिम्मेदारी से अपने दायित्व को निभाने वाले चिकित्सक है। परिवार में परेषानी के बावजूद भी वे काम के लिए हमेशा तत्पर रहे।