108 फिर बनी संजीवनी, घर में कराई डिलेवरी, जुड़वा बच्चों का जन्म

अनुपपुर। मो अनीश तिगाला| जिले के ग्राम वेंकट नगर के समीप बीड में 108 के कर्मचारियों ने लगभग एक किलोमीटर पैदल चल कर नदी में भरे पानी को क्रॉस कर पीड़ित के घर पहुचे जहाँ पर पीड़ित दर्द से कहार रही थी , जिसकी हालात तत्काल चिकित्सालय लेने की नहीं थी तभी 108 के कर्मचारियों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया जहां पर पीड़िता ने जुड़वा बच्चे को जन्म दिया जिसमें एक बालक व एक बालिका है।

डिलीवरी के दुरंत बाद पीड़ित महिला को 108 के कर्मचारियों ने स्टक्चर में सुला कर लगभग 1किलो मीटर पैदल चल व नदी पार कर उन्हें सुरक्षित जिला चिकित्सालय अनूपपुर लाया गया| प्राप्त जानकारी के अनुसार गंगोत्री रैदास पति मोहन रैदास ने एक साथ 2 बच्चों को जन्म दिया इसमें एक बालक एक बालिका है मध्य प्रदेश के अंतिम छोर में बसे ग्राम बीड़ उमरिया के अंतर्गत जच्चा-बच्चा को 108 एंबुलेंस संजीवनी बनी महिला के घर नदी के उस पार छत्तीसगढ़ सीमा ग्राम सिवनी अंतर्गत छपरा टोला में स्थित था मरीज को घर तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाया क्योंकि रास्ता नहीं था, सामने से नदी बह रही थी मरीज के परिजन ने बताया कि महिला की प्रसव पीड़ा बहुत बढ़ गई है चलने चलने में असमर्थ है |

एम्बुलेंस के स्टाफ व इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन दीनदयाल जायसवाल द्वारा घर में दोनों बच्चों का सुरक्षित प्रसव करवाया साथ ही मरीज को एंबुलेंस तक ले जाने के लिए पायलट राजकुमार साहू व परिजन के साथ कैनवास स्ट्रेचर से दूर खड़ी एंबुलेंस में पहुंचाएं तथा जिला अस्पताल में सुरक्षित भर्ती कराया, संजीवनी दायिनी एम्बुलेंस के पूरे स्टाफ के जज्बे को सलाम किया जा रहा है।